बुध की शांति के आसान उपाय व टोटके

0
128

बुध देव को प्रसन्न करने के कुछ उपाय हम आपको बताने जा रहे हैं, इससे बुध देव प्रसन्न होते हैं। इन्हें अपना कर आप अपना जीवन सुखमय बना सकते है। इन उपायों का अपनाकर आप बुध देव को प्रसन्न कर सकते हैं।

ADVT

1- शारीरिक व्याधियों के लिए महाधन्नतीर मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का प्रयोग करें, इससे बुध देव की कृपा प्राप्त होती है।
2- शत्रुबाधा और अभिचार कर्मों के शमन के लिए प्रत्यांगिरा जप और हवन आमोघ उपाय है। इसे अपनाया जाना चाहिए।
3 व्यापारिक अड़चनों और संतान कष्ट में गोपाल सहस्त्रनाम और कृष्ण पूजा नियमित रूप करना सर्वोत्तम होता है।
4- अनिष्ट बुध की शांति के लिए बुध मंत्र का अनुष्ठान और नित्य विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए।
5- दैनिक दिनचर्या में नियमित रूप से शालिग्राम पूजन करके तुलसी पत्र का सेवन करें और मंत्र जाप करें।
6- हिंजड़ों को हरी चूड़ियां, हरे वस्त्र बुधवार को दान करना चाहिए।

यह भी पढ़े- पन्ना कब व कैसे करें धारण, जाने- गुण, दोष व प्रभाव

7- कौड़ियों को जलाकर बहते पानी में बहाना भी अच्छा रहता है। इससे बुध की शांति होती है।
8- बुध अगर उच्च का हो तो बुध की चीजों का दान नहीं करना चाहिए। बुध अगर नीच का हो तो बुध की चीजों का दान नहीं लेना चाहिए।
9- बहन, पुत्री, बुआ, साली की सेवा करने और उनका आर्शीवाद लेने से बुध देव प्रसन्न होते हैं।
1०- बुध की शांति के लिए पन्ना धारण करना चाहिए। पन्ने के अभाव में कली धारण करना चाहिए।
11- तांबे की सिक्के में छेद करके बहते पानी में प्रवाहित करें।

यह भी पढ़े- इस मंत्र के जप से प्रसन्न होते हैं बुध देव, जानिए बुध देव की महिमा

12- सबुत मंूग, हरी चींजें दान करने और उन्हें जल में प्रवाहित करने से ग्रह की शांति होती है।
13- हर बुधवार को एक मुट्ठी मूंग भिखारियों को दान करना श्रेयस्कर होता है।
14- बुध पीड़ा की विश्ोष शांति के लिए चावल, शहद, सफेद सरसों, गोबर गोरोचर व नवाली मल्वत मिलाकर सात बुधवार तक स्नान करना चाहिए।
15- हरिवंश पुराण में उल्लेखित किया गया है कि व्यक्ति को महाविष्णु या अतिविष्णु यज्ञ कर कांस्य पात्र में दूध देना चाहिए।

यह भी पढ़ें –जानिये रत्न धारण करने के मंत्र

16- बुद्धि स्थान को मजबूत करने के लिए और धन प्राप्ति करने के लिए सोने से निर्मित पन्ना युक्त बुध यंत्र लॉकेट अपने गले में धारण करना श्रेयस्कर होता है।
17- एक रत्ती स्वर्ण को बुधवार के दिन दान करें। पात्रता का ध्यान रखना आवश्यक है।
18- ग्यारह बुधवार तक एक मुट्ठी मूंग भिखारियों को दान करें।
19- बुधवार का व्रत पांच, ग्यारह या 43 हफ्तों तक करना चाहिए। यह श्रेयस्कर होता है।

यह भी पढ़े- भगवती दुर्गा के 51 शक्तिपीठ, जो देते हैं भक्ति-मुक्ति, ऐसे पहुचें दर्शन को

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here