Advertisement
Home Lifestyle सावन का तीसरा सोमवार

सावन का तीसरा सोमवार

0
793

सोमवती अमावस्या मे खास योग मे लोगों ने की शिव आराधना

सावन के तीसरे सोमवार को राजधानी लखनऊ के शिव मंदिरों में हर हर महादेव, बोल बम बम के जयकारों के बीच भोलेनाथ का अभिषेक श्रृंगार हुआ। कोरोना संकट के चलते शिवालयों के कपाट बंद रहे लेकिन आचार्यो और पुजारियों द्वारा बाबा का अभिषेक, श्रंगार और पूजा अर्चना हुई। भक्तों को बाहर से ही दर्शन और पूजन करना पडा। उधर ऐशबाग रामलीला में हर वर्ष होने वाला सवा लाख पार्थिव शिवलिंग अभिषेक बगैर यजमान के आचार्यों की देखरेख में संपन्न हुआ। इस बार पुनर्वसु नक्षत्र और सोमवती अमावस्या, पुष्कर योग के शुभ योग में लोगों ने शिव की आराधना की।

Advertisment

मनकामेश्वर मन्दिर

डालीगंज के मनकामेश्वर मन्दिर मे भोर से ही लोग दर्शन करने पहुंचेने लगे। चार बजे महंत देव्या गिरि ने भोलेनाथ की आरती की। उसके बाद दर्शन के लिए पट खोले गए। इस बार करोना के चलते भक्तों को मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया।

इस बार दर्शन में थर्मल स्कैनर, हैंड सैनिटाइजर, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग्र का ध्यान रखा गया। गर्भ ग्रह के बाहर दो खास अरघा की मदद से बाहर से जलाभिषेक भक्तो ने किया। मंदिर के आसपास का इलाका बोल बम बम, ओम नमः शिवाय के जयकारों से गूंज रहा था। सुबह रिमझिम बारिश से मौसम और सुहाना हो गया।

सदर में बाहर हुए दर्शन

सदर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में तीसरे सोमवार पर लोगों ने बाहर से ही भोलेनाथ के दर्शन किये।

महाकाल में कोरोना मुक्ति हेतु रुद्राभिषेक
राजेन्द्रनगर के महाकाल मंदिर में भोर में भस्म आरती के बाद दर्शन शुरु हुए। संयोजक अतुल मिश्रा ने बताया कि महाकाल बाबा से कोरोना संकट से मुक्ति के लिए पूजन, रुद्राभिषेक किया गया। यहां भी बाहर से ही दर्शन हुए।

कोतवालेश्वर मंदिर
चौक के श्री कोतवालेश्वर महादेव मन्दिर के कपाट कोरोना के कारण बंद है। दूर ही लोगों ने भोलेनाथ के दर्शन और पूजन किया।

इसके अलावा चौक के कोनेश्वर मन्दिर, ठाकुरगंज के कल्याण गिरि मन्दिर, रकाबगंज के सिद्धिनाथ मन्दिर व नागेश्वर मन्दिर, लालकुआं स्थित महाकालेश्वर मन्दिर, ठाकुरगंज के मांपूर्वी देवी एवं महाकालेश्वर मन्दिर में भी लोग मास्क लगाकर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये दर्शन किये।

सनातन धर्म, जिसका न कोई आदि है और न ही अंत है, ऐसे मे वैदिक ज्ञान के अतुल्य भंडार को जन-जन पहुंचाने के लिए धन बल व जन बल की आवश्यकता होती है, चूंकि हम किसी प्रकार के कॉरपोरेट व सरकार के दबाव या सहयोग से मुक्त हैं, ऐसे में आवश्यक है कि आप सब के छोटे-छोटे सहयोग के जरिये हम इस साहसी व पुनीत कार्य को मूर्त रूप दे सकें। सनातन जन डॉट कॉम में आर्थिक सहयोग करके सनातन धर्म के प्रसार में सहयोग करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here