Advertisement
Home Uttar Pradesh News Ayodhya आज तक गूंज रहा है “पहले मंदिर फिर सरकार”-सतेंद्रदास

आज तक गूंज रहा है “पहले मंदिर फिर सरकार”-सतेंद्रदास

0
502

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। अयोध्या स्थिति श्रीराम जन्मभूमि स्थान पर विराजमान भगवान रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्रदास ने कहा है कि यह बहुत हर्ष की बात है कि श्रीरामजन्मभूमि स्थान पर बनने वाले मंदिर का कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूमिपूजन करेंगे।

manoj shrivastav

लेकिन शिवसेना पक्षप्रमुख व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा 2018 में दिया गया वह नारा “पहले मंदिर फिर सरकार” आज तक गूंज रहा है।वर्षों से जन्मभूमि परिसर में भगवान रामलला की सेवा में लगे दो-दो सहायक पुजारी व दर्जन भर सुरक्षाकर्मी कोरोना पॉजीटिव पाये जाने के कारण मुख्य आयोजन से वंचित हो गये। लेकिन लगातार दो-दो बार कोरोना टेस्ट में निगेटिव आने से अति प्रसन्न सतेंद्र दास ने कहा कि राममंदिर आंदोलन में शिवसेना ने बहुत कुछ काम किया है। शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे हिंदुत्व को लेकर कभी नहीं झुके। 6 दिसंबर 1992 को उनका जो सहयोग रहा वह राममंदिर आंदोलन के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि स्थान पर बना कलंकित ढांचा जब ढहा तो बड़े-बड़े दिग्गज गायब हो गये थे। जब बाला साहेब ठाकरे ने कलंकित ढांचे के ध्वस्त होने की जिम्मेदारी लिये और कहा कि ढांचा शिवसैनिकों ने गिराया, हमें उन पर गर्व है तब पुनः पूरे देश मे उत्साह और उमंग की तरंग संचारित हुई। अब जब राममंदिर बनने जा रहा है तो यह नहीं भूलना चाहिए कि इस स्थित में पहुंचने में बहुत कुछ बाला साहेब की देन है। मंदिर निर्माण में उन सभी लोगों का योगदान दर्ज है।

Advertisment

उसी अभिजीत मुहूर्त में श्रीराम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, जिस मुहूर्त में भगवान श्री राम का जन्म हुआ, पीएम का मिनट टू मिनट कार्यक्रम

सनातन धर्म, जिसका न कोई आदि है और न ही अंत है, ऐसे मे वैदिक ज्ञान के अतुल्य भंडार को जन-जन पहुंचाने के लिए धन बल व जन बल की आवश्यकता होती है, चूंकि हम किसी प्रकार के कॉरपोरेट व सरकार के दबाव या सहयोग से मुक्त हैं, ऐसे में आवश्यक है कि आप सब के छोटे-छोटे सहयोग के जरिये हम इस साहसी व पुनीत कार्य को मूर्त रूप दे सकें। सनातन जन डॉट कॉम में आर्थिक सहयोग करके सनातन धर्म के प्रसार में सहयोग करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here