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5100 कन्याओं का पूजन राजभवन में संपन्न

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  • भारत ही एक ऐसा देश है जहां कन्याओं को दुर्गा के रुप में पूजा जाता है : श्री अनिल जी, क्षेत्र प्रचारक
  • माँ शब्द भारतीय मनीषियों की देन है : चंपत राय जी, महासचिव- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या
  • बेटियाँ, चरित्रशील और सुशिक्षित हों : आनन्दीबेन पटेल, राज्यपाल, यूपी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राजभवन में प्रेरणा संस्थान द्वारा 5100 कन्याओं का भव्य पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल, विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों के सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर जोर देना था।

कार्यक्रम की शुरुआत राजभवन में कन्याओं का पांव प्रक्षालन, तिलक और चुनरी भेंटकर स्वागत करने के साथ हुई। कन्याओं को माता की चुनरी, भोजन प्रसाद की थाली, दक्षिणा और उपहार स्वरूप कापी, कलम, पेंसिल, कलर बॉक्स आदि वितरित किए गए। राज्यपाल ने स्वयं बच्चियों को हलवा, पूड़ी और चना प्रसाद खिलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

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राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में बेटियों का सम्मान विशेष है और उन्हें दुर्गा स्वरूप देखा जाता है। उन्होंने कन्याओं के संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। राज्यपाल ने यह भी कहा कि बेटियों के उत्थान के लिए परिवार, समाज और सरकार का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने भारत में सरवाईकल कैंसर से प्रभावित महिलाओं की चिंता जताते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में इसके अधिक मामले हैं और प्रेरणा संस्थान इस दिशा में टीकाकरण कार्यक्रम चला रहा है। इस कार्यक्रम में लगभग 100 बच्चियों का टीकाकरण राजभवन में ही किया गया, जबकि शेष का टीकाकरण जिलाधिकारी के माध्यम से कराया जाएगा।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि महासचिव ने कहा कि कन्या पूजन का दृश्य अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को ‘माँ’ शब्द दिया है और बेटियों का सम्मान करना हमारी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश का राजभवन इस तरह के भव्य आयोजन के लिए अनोखा है और इसके संचालन में सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को बनाए रखना सराहनीय है।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया। कन्याओं ने कथक नृत्य और देवी गीत प्रस्तुत किए, जिसने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन प्रेरणा संस्थान की सचिव ने किया।

प्रेरणा परिवार ने पिछले तीन वर्षों से लगातार यह कार्यक्रम आयोजित किया है। इसमें 40 वर्ष से कम आयु के 11 दंपति उद्यमियों का समूह सक्रिय है। एकल विद्यालय अभियान के माध्यम से सपेरों की बस्तियों और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से कुल 281 गांवों की 5100 से अधिक बालिकाओं को कार्यक्रम में शामिल किया गया। बच्चियों को 100 बसों के माध्यम से राजभवन लाया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न गणमान्य लोग और संगठन प्रमुख उपस्थित रहे, जिनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री, विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, विभिन्न विश्वविद्यालय और चिकित्सा संस्थानों के प्रमुख, समाजसेवी और पद्मश्री सम्मानित लोग शामिल थे।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि बेटियों को शिक्षा, संस्कार और स्वास्थ्य के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है। उनके जीवन में समस्याएँ न आएँ, इसके लिए माता-पिता को जागरूक होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बेटियों को उनके दायित्वों का एहसास कराना भी जरूरी है। इसके अलावा, उन्होंने भोजन, बैठने और अन्य व्यवहारिक आदतों में अनुशासन सिखाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रेरणा संस्थान के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सुनिश्चित किया कि आयोजन सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो। इस कार्यक्रम ने न केवल बेटियों के महत्व को रेखांकित किया बल्कि समाज में बेटियों के सशक्तिकरण और शिक्षा पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया।

इस आयोजन से यह संदेश गया कि बेटियों का सम्मान, शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में शामिल सभी बालिकाओं और उनके परिवारों ने इसे एक प्रेरणादायक अनुभव बताया। राज्यपाल और अतिथियों ने इस कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने और बेटियों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण हैं।

कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के राजभवन में आयोजित यह 5100 कन्याओं का पूजन कार्यक्रम न केवल भव्य और संगठित था बल्कि यह समाज में बेटियों के महत्व, उनके सम्मान और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रेरक संदेश भी प्रदान करता है।

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