लवकुश नगर में भव्य हिंदू सम्मेलन एवं समरसता भोज का आयोजन
लखनऊ, 4 जनवरी (विशेष् संवाददात)। हिंदू सम्मेलन समिति, लवकुश नगर (उत्तर भाग) के तत्वावधान में रविवार को हिंदू सम्मेलन एवं समरसता भोज का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, संत-महात्मा, बुद्धिजीवी, जनप्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में परस्पर प्रेम, सहयोग, सामाजिक समरसता एवं स्वाभिमान की भावना को सुदृढ़ करना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के कुलपति डॉ. सोनी नित्यानंद उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक मजबूती उसके नैतिक मूल्यों, सामाजिक एकता और सकारात्मक दृष्टिकोण से तय होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने, संवाद बढ़ाने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं।

कार्यक्रम के प्रमुख संत अतिथि अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी पीठाधीश्वर महंत राजू दास जी ने हिंदू एकता पर जोरदार संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “जब हिंदू समाज एकजुट होगा, तभी भारत सही अर्थों में एक हिंदू राष्ट्र के रूप में सशक्त रूप से निर्मित होगा। आज आवश्यकता है कि हम सभी जाति, वर्ग और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुटता का संकल्प लें।” उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है और यही एकता राष्ट्र को सही दिशा देने का कार्य करेगी।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात विधिवेत्ता प्रो. रतन कुमार मित्तल (पूर्व कुलपति, अवध विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे। वहीं मुख्य वक्ता सह प्रचार प्रमुख पूर्वी क्षेत्र मनोज कांत रहे। उन्होंने अपने संबोधन में हिंदू समाज की सांस्कृतिक चेतना, ऐतिहासिक गौरव और वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में अन्य प्रमुख सहभागियों में विधायक डॉ. नीरज बोरा, पीयूष निगम, विनय कटियार, माला निगम, डॉ. संदीप जायसवाल तथा रामकृष्ण बस्ती के सभी संघ सदस्य प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने समाज में समरसता, संगठन और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सूर्य भान पांडेय, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारत सरकार के पूर्व डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ने की। उन्होंने कहा कि संविधान के दायरे में रहते हुए सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
सम्मेलन के उपरांत समरसता भोज का आयोजन किया गया, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर सहभागिता की। यह भोज सामाजिक समानता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का जीवंत उदाहरण बना।
अंत में हिंदू सम्मेलन समिति, लवकुश नगर (उत्तर भाग) के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, संतों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी हिंदू समाज की एकता और समरसता को मजबूत करने वाले ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।










