भाजपा उत्तर मंडल-5 के मंडल अध्यक्ष के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूरा
लखनऊ, 8 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी महानगर लखनऊ के उत्तर मंडल-5 के मंडल अध्यक्ष संजय तिवारी ने अपने पद पर रहते हुए एक वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस अवसर पर मंडल के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। दिनभर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।

संजय तिवारी अपनी व्यवहार कुशलता, सहनशीलता और संगठनात्मक क्षमता के लिए उत्तर मंडल-5 ही नहीं, बल्कि अन्य मंडलों में भी चर्चित हैं। छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों को साथ लेकर चलने की उनकी योग्यता के कारण उत्तर मंडल-5 ने संगठनात्मक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
प्रखर वक्ता, स्पष्ट विचार और मजबूत संगठनात्मक पकड़
मंडल अध्यक्ष संजय तिवारी की पहचान एक प्रखर वक्ता के रूप में है। वे किसी भी विषय पर मंच हो या मीडिया, अपनी बात को स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से रखने की क्षमता रखते हैं। संगठन द्वारा सौंपे गए प्रत्येक दायित्व को वे पूरी लगन, निष्ठा और समयबद्धता के साथ पूरा कराते हैं, जो उनकी कार्यक्षमता को दर्शाता है।
योग, अनुशासन और संगठन को समर्पित दिनचर्या
अपने कार्यशैली के बारे में संजय तिवारी बताते हैं कि वे प्रतिदिन सुबह उठकर एक घंटे का योगासन करते हैं, इसके बाद पूरा दिन संगठन को समर्पित रहता है। वे वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी तथा विधायक डॉ. नीरज बोरा के निरंतर संपर्क में रहते हैं और उनके द्वारा दिए गए सुझावों के अनुरूप कार्य करते हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि
“मेरे वरिष्ठ नेताओं द्वारा दिया गया हर सुझाव मेरे लिए आदेश के समान है।”
एसआईआर अभियान रहा सबसे अहम कार्य
अपने एक वर्षीय कार्यकाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए संजय तिवारी ने बताया कि एसआईआर अभियान उनके कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण कार्य रहा, जिसे उन्होंने मंडल के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा किया।
टीमवर्क को दिया श्रेय
संजय तिवारी ने अपनी पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंडल महामंत्री अक्षय मिश्रा, मंडल महामंत्री सी.के. वर्मा, सभी पार्षदगण, उपाध्यक्ष, मंडल मंत्री, वार्ड अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा तथा मीडिया प्रभारी ओम प्रकाश तिवारी का उन्हें निरंतर पूर्ण सहयोग मिलता रहा, जिसके बल पर मंडल लगातार सक्रिय और मजबूत बना रहा।










