भारत में ‘एक देश, एक झंडा, एक चुनाव’ की गूंज और ‘एक कानून’ की चुप्पी

 नई दिल्ली, 27जनवरी, (मनोज कृष्ण श्रीवास्तव)। भारत की राजनीति में पिछले एक दशक से कुछ नारे बेहद ताक़तवर ढंग से उछाले जाते रहे हैं—‘एक देश, एक झंडा, एक चुनाव’। इन नारों को राष्ट्रीय एकता, प्रशासनिक दक्षता और खर्च में कमी जैसे बड़े तर्कों के साथ जनता के सामने परोसा गया। मगर इसी शोरगुल के बीच … Continue reading भारत में ‘एक देश, एक झंडा, एक चुनाव’ की गूंज और ‘एक कानून’ की चुप्पी