पीपल के पेड़ को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इसमें देवताओं का वास होता है, इसलिए इसके नीचे दीपक जलाने से विशेष फल मिलता है। अलग-अलग दिन दीपक जलाने के अलग-अलग आध्यात्मिक फल बताए गए हैं। पीपल के पेड़ को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और देवताओं का निवास स्थान माना गया है।
मान्यता है कि इसके नीचे दीपक जलाने से विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक फल प्राप्त होते हैं।
सप्ताह के हर दिन पीपल के नीचे दीप जलाने का अलग-अलग महत्व बताया गया है।
यह उपाय सूर्य, चंद्र, मंगल और शनि जैसे ग्रहों के दोषों को शांत करने में सहायक माना जाता है।
विशेष रूप से शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाना शनि कृपा प्राप्त करने का प्रभावी उपाय माना जाता है।
पीपल की परिक्रमा और मंत्र जप करने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति की मान्यता है।
इसी कारण पीपल के नीचे दीपक जलाने की परंपरा सदियों से धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
रविवार से शनिवार तक पीपल के नीचे दीप जलाने के फल
1. रविवार (सूर्य देव का दिन)
पीपल के नीचे दीपक जलाने से मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और सरकारी कार्यों में सफलता मिलती है। सूर्य से संबंधित दोष भी कम होते हैं।
2. सोमवार (भगवान शिव का दिन)
इस दिन दीप जलाने से मन की शांति, स्वास्थ्य लाभ और परिवार में सुख मिलता है। चंद्र दोष भी शांत होता है।
3. मंगलवार (हनुमान जी और मंगल ग्रह)
दीपक जलाने से साहस बढ़ता है, शत्रु बाधा दूर होती है और कर्ज से राहत मिलती है।
4. बुधवार (बुध ग्रह)
इस दिन दीप जलाने से बुद्धि, व्यापार और शिक्षा में उन्नति होती है।
5. गुरुवार (बृहस्पति देव)
दीप जलाने से ज्ञान, संतान सुख, धन-समृद्धि और गुरु कृपा मिलती है।
6. शुक्रवार (माता लक्ष्मी)
पीपल के नीचे दीपक जलाने से धन, ऐश्वर्य और घर में लक्ष्मी का वास होता है।
7. शनिवार (शनि देव)
शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना गया है। इससे शनि दोष, साढ़े-साती और पितृ दोष में राहत मिलती है।
विशेष नियम
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दीपक प्रायः सरसों के तेल का जलाना शुभ माना जाता है।
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शाम के समय दीप जलाना अधिक फलदायी बताया गया है।
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शनिवार को पीपल की 7 परिक्रमा करने की भी परंपरा है।
अगर चाहें तो मैं पीपल के नीचे कौन-सा मंत्र बोलना चाहिए और दीपक जलाने की सही विधि भी बता सकता हूँ।
दीपक जलाने की सही विधि
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पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
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पीपल के पेड़ के पास जाकर जल अर्पित करें।
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पेड़ को हल्दी, अक्षत (चावल) और फूल चढ़ाएं।
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उसके बाद सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
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दीपक को पीपल के तने के पास दक्षिण दिशा की ओर रखें।
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फिर 7 बार परिक्रमा करें।
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परिक्रमा करते समय मन में भगवान विष्णु और शनि देव का ध्यान करें।
दीपक जलाते समय बोलने वाला मंत्र
पीपल में भगवान विष्णु का वास माना गया है, इसलिए यह मंत्र बोला जाता है —
मंत्र:
“मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे।
अग्रतः शिवरूपाय वृक्षराजाय ते नमः॥”
अर्थ:
पीपल के मूल (जड़) में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और ऊपर शिव का वास है, ऐसे वृक्षराज को मेरा प्रणाम।
शनि शांति के लिए मंत्र (विशेषकर शनिवार को)
“ॐ शं शनैश्चराय नमः”
इस मंत्र को 11 या 108 बार बोलना बहुत शुभ माना जाता है।
एक विशेष मान्यता
शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाने से शनि दोष, पितृ दोष और कर्ज की समस्या कम होती है।
वैज्ञानिक दृष्टि से भी है पीपल का बहुत महत्व, पीपल के निकट यह बिल्कुल न करें










