बुरा न मानो होली है: यूजीसी का रंग और “सबका साथ” की पिचकारी

होली का मौसम है। सत्ता के आँगन में रंगों की बारिश है, और नारों की पिचकारी दूर तक छूट रही है—“सबका साथ, सबका विकास!” यह नारा जब पहली बार गूंजा था, तब लगा था जैसे राजनीति ने सचमुच रंगों का संतुलन खोज लिया हो। पर जैसे-जैसे नई नीतियाँ आईं, बहसें भी रंग पकड़ने लगीं। हाल … Continue reading बुरा न मानो होली है: यूजीसी का रंग और “सबका साथ” की पिचकारी