“एकादश रुद्र: शिव के ग्यारह दिव्य रूपों का विस्तृत विश्लेषण”

भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों में ‘रुद्र’ का विशेष महत्व है। यह शब्द न केवल उनके संहारक पहलू को दर्शाता है, बल्कि उनके कल्याणकारी और दुःखनाशक स्वभाव को भी अभिव्यक्त करता है। ‘रुद्र’ का शाब्दिक अर्थ है ‘जो रुलाता है’ (शत्रुओं को संहार के समय) और ‘जो दुःखों का नाश करता है’ (भक्तों के लिए) … Continue reading “एकादश रुद्र: शिव के ग्यारह दिव्य रूपों का विस्तृत विश्लेषण”