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ट्रंप की धमकियों पर जयशंकर का करारा पलटवार

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सबका इलाज होगा! , पाकिस्तान को भी आईना दिखाया

नई दिल्ली/लक्ज़मबर्ग, 8 जनवरी (एजेंसियां)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि भारत दबाव में झुकने वाला देश नहीं है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और एकतरफा टैरिफ की गीदड़भभकियों के बीच जयशंकर ने दो टूक कहा— यह पहली बार नहीं है जब भारत पर दबाव डालने की कोशिश हुई हो और यह आख़िरी भी नहीं होगी।

लक्ज़मबर्ग दौरे के दौरान भारतीय डायस्पोरा को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने बिना अमेरिका का नाम लिए उसकी दोहरे मापदंडों वाली नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक राजनीति में कुछ देश सिर्फ अपने फायदे के फैसले लेते हैं, जबकि दूसरों को मुफ्त की नैतिक सलाह बांटते हैं।

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🇮🇳 1998 के परमाणु परीक्षण का उदाहरण, अमेरिका को कड़ा संदेश

जयशंकर ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय हुए 1998 के परमाणु परीक्षणों का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त भी भारत पर प्रतिबंध लगाए गए थे, दबाव बनाया गया था, लेकिन भारत झुका नहीं।
उन्होंने स्पष्ट कहा—

“कठिन फैसले लेने पड़ते हैं और फिर उन पर डटे रहना पड़ता है। भारत ने यह तब भी किया था और आज भी करेगा।”

💣 पाकिस्तान की पोल खोली, आतंकी फैक्ट्रियों का किया खुलासा

विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को बेनकाब करते हुए कहा कि दशकों तक वहां आतंकी ट्रेनिंग कैंप खुलेआम चलते रहे।
ये किसी जंगल या पहाड़ों में छिपे नहीं थे, बल्कि पाकिस्तान के बड़े शहरों में फल-फूल रहे थे, जिन्हें वहां की सरकार और सेना का खुला समर्थन मिला।
जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को इस तरह सामान्य बना दिया है, जैसे यह उसका कोई वैध अधिकार हो।

🇺🇸⚔️🇮🇳 अमेरिका-भारत रिश्तों में बढ़ता तनाव

गौरतलब है कि यूक्रेन युद्ध के बाद भारत द्वारा रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिका बौखलाया हुआ है।
अमेरिका अब एक नए बिल के जरिए रूस से तेल, गैस या यूरेनियम खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने की धमकी दे रहा है।
भारत पर पहले ही अतिरिक्त टैरिफ लगाए जा चुके हैं, लेकिन जयशंकर का संदेश साफ है—
भारत अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।

👉 साफ शब्दों में कहें तो—
ट्रंप उधर चिल्लाते रहे, इधर जयशंकर ने बता दिया कि भारत किसी की धमकी से नहीं चलता।

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