प्रलयंकारी महादेव: वैश्विक आपदाओं में शिव ही रक्षक

सनातन धर्म की त्रिमूर्ति संकल्पना में, देवाधिदेव महादेव को संहार का अधिष्ठाता माना गया है। तथापि, उनका यह संहारकारी स्वरूप मात्र विनाश का नहीं, अपितु सृष्टि के तत्वों का शुद्धिकरण, संतुलन और पुनर्स्थापना है। यह कार्य उन्हें अनायास ही परम रक्षक के पद पर प्रतिष्ठित करता है। भगवान शिव के चरित्र और उनकी लीलाओं का … Continue reading प्रलयंकारी महादेव: वैश्विक आपदाओं में शिव ही रक्षक