मृत्यु का वैज्ञानिक विश्लेषण

धन–वैभव एवं यश–कीर्ति की मिथ्या कल्पनाओं में भटके व्यक्तियों को मृत्यु-रहस्य उद्घाटित नहीं हो सकता। सांसारिक बंधनों में फंसे हुए लोगों को अन्तर्मुख होने का अवसर ही नहीं मिल पाता और मृत्यु के स्वामी यमराज उदघोषणा करते हैं कि: ऐसे व्यक्ति बारंबार यमयात्रा में बंधते रहते हैं। जब तक कि आत्म ज्ञान न प्राप्त हो … Continue reading मृत्यु का वैज्ञानिक विश्लेषण