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शनि की शांति के असरदार टोटके व उपाय

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शनि की शांति के असरदार टोटके व उपाय हम आपको बताने जा रहे है।

1- हरिवंश पुराण के अनुसार महामृत्युंजय महामंत्र का जप व हवन संकल्पपूर्वक हवन करना चाहिए। इससे शनि की शांति होती है।
2- शनि पीड़ा की विश्ोष शांति के लिए बलाजन, शंखपुष्पी, लोध व काले तिल मिलाकर दस शनिवार स्नान करना चाहिए।
3- कपूर को नारियल के तेल में मिलाकर सिर पर लगाएं।

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4- शनिव्रत के सहित भगवान शिव पर नित्य दूध या तिल चढ़ायें।
5- भैरव उपासना और मंत्र जप अतिशीघ्र कल्याण प्रदान करने वाला होता है।

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6- शनि को बलवान करने के लिए और धन वृद्धि के लिए नीलमयुक्त शनियंत्र गले में लॉकेट के रूप में शीघ्र धारण करें। हालांकि यह नीलम को किसी ज्योतिष के परामर्श के बाद ही धारण करना श्रेयस्कर होता है।


7- प्रत्येक शनिवार को संध्या समय शनि मंदिर में दर्शन करें।
8- शनि स्तुति का वाचन अथवा श्रवण नियमित रूप से करें।
9- शनिवार का व्रत पांच, ग्यारह हफ्तों तक लगातार करें।
1०- काली भ्ौस का पालन करें और काले सांप को दूध पिलाएं।

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11- शनि की स्थिति देखकर नीलम को धारण करें। नीलम के अभाव में नाव की कील का छल्ला या घोड़े की नाल का छला धारण करें।
12- शनि के वैदिक मंत्र या तांत्रिक मंत्र सहित दशरथ कृत शनैश्चर स्तोत्र का पाठ भी शनिकृत समस्त अनिष्टों को दूर करता है।
13- काले वस्त्र और तिलान्न का यथा सम्भव दान कीजिए।
14- तेल या शराब का दान करें और झूठ न बोले।
15- शनि प्रतिमा को सरसों का तेल अर्पित करें।

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16- साबुत काले उडद शनिवार को जल में प्रवाहित कीजिए।
17- कर्क या सिंह लग्न हो, शनिव छह, आठ या बारहवें स्थान में हो अथवा जन्मकुंडली में शनि 1/4/7/8//12 वें स्थान में हो तो शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए दो बराबर वजन के नीलम या स्टील के टुकड़े, सुरमें की डली या काला नमक ले। उन्हें शनि मंत्र से अभिमंत्रित करें और एक हिस्सा सूर्यास्त के सयम बहते पानी में बहा दें और दूसरा हिस्सा अपने पास रख्ों तो व्यक्ति शनि के कुप्रभाव से बचा रहेगा।


18- प्रतिदिन काले कीड़ों को सूर्यास्त के बाद तिरचौली डालें।
19- शनि नीच हो तो शनि की चीजों का दान न लें। शनि उच्च हो तो शनि की चीजें दान न दें।
2०- शनिवार को लोहे या स्टील के पात्र में जल या भोजनाद न ग्रहण कीजिए।

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21- शनिवार के दिन यूकेलिप्टस वृक्ष के पत्ते को अपने पास रख्ों।
22- शारीरिक व्याधि निवारण करने के लिए लघुमृत्युंजय काजप और हवन कीजिए। गोचर में अनिष्ट शनि के शमन के लिए श्रीमद् भगवत के नल चरित्र का पाठ लाभकारी होता है।
23- रात्रि के समय शिव, हनुमान मंदिर और पीपल वृक्ष के नीचे तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
24- कभी भी शराब न पीयें औ मांस व मछली न खायें।
25- उड़द, लोहे या चमड़े का सामान, तवा, चिमटा आदि दान में दें या जल में प्रवाहित कीजिए।

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