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युवा टीम पर ख़िताब बचाने की चुनौती

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— आदर्श प्रकाश सिंह

टी–20 वर्ल्ड कप सात फरवरी से शुरू हो रहा है। इस बार इसका आयोजन भारत और श्रीलंका में हो रहा है। भारत पिछले वर्ल्ड कप का विजेता है, इसलिए उसके सामने ख़िताब बचाने की चुनौती है। आपको याद होगा, वेस्ट इंडीज में दो साल पहले जून में भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका को पराजित करके यह ख़िताब जीता था। उस वर्ल्ड कप के बाद रोहित, विराट कोहली और रविन्द्र जडेजा ने टी–20 फॉर्मेट से संन्यास लेने का एलान कर दिया था। इस नाते भारतीय टीम काफ़ी बदल चुकी है। कई नए खिलाड़ी टीम में आ गए हैं। कप्तानी का जिम्मा अब सूर्यकुमार यादव के हाथ में है। वर्ल्ड कप के लिए टीम का चयन हो चुका है। अब देखना है कि हमारे नए खिलाड़ी इस ख़िताब को बचा पाते हैं या नहीं। उन पर यह बड़ी जिम्मेदारी है।

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न्यूजीलैंड के साथ भारत ने पाँच मैच की सीरीज जीत ली है। शनिवार को तिरुवनंतपुरम में आख़िरी मैच भी जीत लिया। इस तरह यह सीरीज 4–1 से भारत के नाम रही। पाँचवें मैच में ईशान किशन ने शतक बनाकर सबका दिल जीत लिया। हमारे युवा खिलाड़ी कीवी टीम पर भारी पड़ रहे हैं। ख़ासकर अभिषेक शर्मा ने तो अपनी बल्लेबाज़ी से तहलका मचा रखा है। वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज़ से यह सीरीज खेली गई थी। तिलक वर्मा चोटिल होने के नाते इस सीरीज में नहीं खेल सके। उनकी जगह श्रेयस अय्यर को टीम में लिया गया, लेकिन कोई मैच नहीं खिलाया गया। दो साल बाद ईशान किशन की टीम में वापसी हुई है। वह शानदार लय में दिखे। कप्तान सूर्यकुमार यादव भी फॉर्म में लौट आए हैं, यह हम सबके लिए संतोष की बात है। रायपुर में उन्होंने 83 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान का लगातार विफल होना चिंता की बात थी। विकेटकीपर संजू सैमसन की नाकामी से क्रिकेट प्रेमी चिंतित हैं। पूरी सीरीज में उनका बल्ला खामोश रहा। वर्ल्ड कप में उनकी जगह ईशान किशन को मौका मिल सकता है।

बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से बाहर होकर भारत से रिश्ते ख़राब कर लिए हैं। उसकी टीम ने भारत में अपने मैच खेलने से इंकार कर दिया था। बांग्लादेश चाहता था कि उसके मैच भारत के बजाय श्रीलंका में कराए जाएँ। इतने कम समय में स्थान परिवर्तन संभव नहीं था। आईसीसी ने इसके लिए मना कर दिया। केवल पाकिस्तान ने बांग्लादेश का साथ दिया। आख़िरकार उसकी बात नहीं मानी गई। अब बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड को एंट्री मिल गई है। जब संबंध ख़राब होते हैं, तो उसका असर खेल पर भी पड़ता है। पाकिस्तान अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगा। उसके साथ हमारे रिश्ते पहले ही ख़राब चल रहे हैं।

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