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संदेशखाली में TMC का आतंक

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 पुलिस पर जानलेवा हमला, गाड़ियों को तोड़ा, 6 जवान घायल

नई दिल्ली, 3 दिसम्बर (एजेंसियां)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली से एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस का हिंसक और अराजक चेहरा सामने आया है। टीएमसी कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर शेख शाहजहां के समर्थकों ने हमला बोल दिया, जिसमें एक पुलिस अधिकारी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।

नाज़ात थाना क्षेत्र की पुलिस टीम टीएमसी कार्यकर्ता मूसा मोल्लाह को गिरफ्तार करने के लिए संदेशखाली ब्लॉक के बोयेरमारी गांव पहुंची थी। जैसे ही पुलिस ने उसे घर से निकालकर वाहन में बैठाया, ग्रामीणों की भीड़ उग्र हो गई और पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों ने पुलिस वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

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घायल पुलिसकर्मियों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। हालात बेकाबू होते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा, तब जाकर भीड़ को खदेड़ते हुए आरोपी को थाने ले जाया जा सका।

⚠️ जबरन कब्जा और गुंडागर्दी का आरोप

पुलिस के अनुसार, मूसा मोल्लाह पर मत्स्यपालन के लिए जल स्रोतों पर जबरन कब्जा करने के गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा, ग्राम पंचायत प्रधान समेत दो स्थानीय टीएमसी नेताओं को भी भीड़ को उकसाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।

🔁 शेख शाहजहां कनेक्शन फिर सामने

यह वही संदेशखाली इलाका है, जहां 5 जनवरी 2024 को राशन घोटाले की जांच के दौरान ईडी की टीम पर हमला किया गया था। उस मामले में स्थानीय टीएमसी नेता और जिला परिषद सदस्य शेख शाहजहां को बाद में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

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भाजपा नेता सजल घोष ने कहा कि

“ईडी अधिकारियों पर हमला हो या अब राज्य पुलिस पर—पैटर्न वही है। यह ममता बनर्जी के शासन में टीएमसी कार्यकर्ताओं की हताशा और बेशर्मी को उजागर करता है।”

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य पुलिस में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस है?

🛑 टीएमसी की सफाई

टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने पुलिस पर हमले को निंदनीय बताते हुए कहा कि पार्टी ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करती और पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करेगी। हालांकि, ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयान कर रही है।

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