आयु सीमा में 3 साल की छूट से लाखों युवाओं को राहत
संभल, 5 जनवरी (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त तीन वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।
यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है, जो अब तक आयु सीमा के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे। सरकार के इस निर्णय से बड़ी संख्या में युवा अब पुलिस भर्ती में आवेदन कर सकेंगे।
32,679 पदों पर होगी सीधी भर्ती
सीधी भर्ती-2025 के तहत कुल 32,679 पदों को भरा जाएगा। इसमें निम्न पद शामिल हैं—
-
आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला)
-
आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस (पुरुष)
-
आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष)
-
महिला बटालियन हेतु महिला आरक्षी
-
आरक्षी घुड़सवार पुलिस (पुरुष)
-
जेल वार्डर (पुरुष एवं महिला)
शासनादेश के अनुसार यह आयु शिथिलीकरण सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को एक बार के लिए प्रदान किया जाएगा। यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के अंतर्गत लिया गया है।
31 दिसंबर 2025 को जारी हुई थी भर्ती विज्ञप्ति
गौरतलब है कि साल 2025 के आखिरी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2026 की शुरुआत से पहले ही युवाओं को बड़ा तोहफा देते हुए पुलिस भर्ती की विज्ञप्ति जारी की थी। यह शासनादेश उसी विज्ञप्ति के क्रम में 5 जनवरी 2026 को लागू किया गया है।
आवेदन प्रक्रिया और OTR व्यवस्था
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अनुसार अभ्यर्थी 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) कराना अनिवार्य होगा।
OTR प्रणाली से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक-सक्षम बनेगी, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
योगी सरकार में पुलिस भर्ती बनी निरंतर प्रक्रिया
योगी सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती अब एक अभियान का रूप ले चुकी है।
-
वर्ष 2025 में 60,244 पदों पर सिपाही भर्ती पूरी
-
अब 32,679 नई भर्तियों की घोषणा
-
अब तक 2.19 लाख से अधिक भर्तियां पूरी
सरकार का फोकस निष्पक्ष चयन, तकनीकी निगरानी और समयबद्ध नियुक्ति पर लगातार मजबूत हुआ है। इससे जहां युवाओं का भरोसा बढ़ा है, वहीं प्रदेश की कानून-व्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता
आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट का यह निर्णय साफ संकेत देता है कि योगी सरकार युवाओं की वास्तविक समस्याओं को समझती है और उनके समाधान के लिए ठोस फैसले लेने में पीछे नहीं हटती। यह कदम न केवल लाखों युवाओं की उम्मीदों को बल देगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में रोजगार सरकार की प्राथमिकता के केंद्र में है।










