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नाटक ने दिया बेटी पढ़ाओ का संदेश

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लोक कला महोत्सव की छठी शाम में फ्री प्रवेश का लोगों ने उठाया लाभ
लखनऊ। लोककला महोत्सव न्यास की ओर से आयोजित लोक कला महोत्सव की आठवीं शाम, शुक्रवार 19 फरवरी को फ्लाइंग बर्ड फाउण्डेशन की ओर से नाटक बेटी पढ़ाओं का मंचन किया गया। अलीगंज के पोस्टल ग्राउंड में रविवार 21 फरवरी तक आयोजित इस लोक कला महोत्सव में देश भर से आए हस्तशिल्प, लजीज खानपान और झूलों का आनंद लोग निरूशुल्क प्रवेश सुविधा के साथ उठा रहे हैं।

संयोजक मंडल में शामिल विनय दुबे ने बताया कि बताया कि राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र मिश्र और संस्कार भारती के विभाग संयोजक हरीश कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में इसका आयोजन किया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राहुल त्रिपाठी, दीपिका सिंह सूर्यवंशी, प्रगति सिंह के संयोजन में शुक्रवार को भाविका ने ‘52गज’ पर सुंदर नृत्य प्रदर्शन किया। श्रीजाम्या ने ‘वो साकी’, ‘शकीरा’, ‘हम मारब नजरिया के बाण’ पर नृत्य कर तालियां बटोरीं। अदित्य शर्मा ने गणेश वंदना के बाद विशाल अवस्थी ने ‘दर्द की दुकान’ शीर्षक से कविता पाठ किया। फ्लाइंग बर्ड फाउण्डेशन की ओर से ऋषभ सिंह, अभिषेक मिश्रा, सोनू शर्मा ने नाटक प्रदर्शित किया। इसके माध्यम से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया गया। अंजली और श्रेया के वेस्टर्न डांस के बाद नवनीत कुमार और वैभव मिश्रा ने मधुर गीत सुनाए।

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महोत्सव में देवा से अनीज शाही हलवा और मुगलई पराठा और सानू खान फायर पान और धुआं उगलता बिस्कुट लेकर आएं हैं। छोटे बच्चों के लिए वॉटर बोट भी है। आगरा के जूते स्टॉल पर लिखा है कि जूते में लेदर न साबित होने पर ग्रहक को दस हजार रुपए का ईनाम दिया जाएगा। बांस का बना सजावटी लालटेन और कश्मीरी स्टॉल, पंजाबी जूतियां, लकड़ी के खिलौने भी पसंद किये जा रहे हैं। इस अवसर पर सृजन फाउण्डेशन के सचिव अरुण प्रताप सिंह, सहित अनूप मिश्र, प्रगति सिंह उपस्थित रहीं।

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