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ओ३म् “आर्य सन्देश टीवी का वैदिक धर्म का प्रशंसनीय प्रचार कार्य”

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ओ३म्
“आर्य सन्देश टीवी का वैदिक धर्म का प्रशंसनीय प्रचार कार्य”

आज का युग प्रचार का युग है। हमारे सिद्धान्त व विचारधारा भले ही सर्वोत्तम व मनुष्य की उन्नति में अद्वितीय व अपूर्व क्यों न हो, यदि इसका व्यापक रूप से प्रचार नहीं किया जायेगा तो इसके अनुयायियों की संख्या नगण्य ही रहेगी। यह हम सबका अनुभव है।

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मनमोहन कुमार आर्य

हम देखते हैं संसार में अनेकानेक अविद्यायुक्त मत-मतान्तर प्रचलित हैं। वे संगठित रूप से अपनी मान्यताओं का प्रचार करते हैं। अविद्यायुक्त लोग उनसे आसानी से जुड़ आते हैं। उनमें यह भावना भी भर दी जाती है कि दूसरे मत वालों की अच्छी बातों को सुनना व विचार नहीं करना है। मत-मतान्तरों की इसी मनोवृत्ति के कारण वेद प्रचार आशातीत सफलता को प्राप्त नहीं हो सका। आजकल प्रचार के अन्य साधनों में एक साधन टीवी द्वारा प्रचार भी है। सभी मतों के अपने अपने चैनल हैं या वह किसी चैनल को शुल्क देकर किसी निर्धारित समय पर अपने मत का प्रचार करते हैं। उनके अनुयायियों की संख्या निरन्तर वृद्धि को प्राप्त होती हुई देखी जाती है। उनके कार्यक्रमों में युवा स्त्री पुरुष, वृद्ध व बच्चे सभी श्रेणियों के श्रोता आते हैं। उनको जो परोसा जाता है उसे वह स्वीकार कर लेते हैं। कारण यह है कि उनके ज्ञान नेत्र विद्या से युक्त व वैसे विकसित नहीं हैं जैसे सत्यार्थप्रकाश सहित वैदिक विद्वानों के सत्य विद्याओं के ग्रन्थों को पढ़कर मनुष्य की बुद्धि का विकास व उन्नति होती है। हम अनेक दशकों से आर्यसमाज का अपना टीवी चैनल हो, इसका स्वप्न लेते रहे हैं। अभी तक यह स्वप्न ही बना हुआ था। दो तीन दिन पूर्व हमें आर्य विद्वान श्री इन्द्रजित् देव, यमुनानगर का फोन आया। उन्होंने इस ‘आर्यसन्देश टीवी’ चैनल जो यूट्यूब द्वारा प्रसारित है, इसके विषय में हमें विस्तार बताया। इस चैनल पर प्रसारित कार्यक्रमों की हमें जानकारी भी दी। हमें इस चैनल को देखने की प्रेरणा की और प्रचारार्थ इस पर कुछ पंक्तियां लिखने का सन्देश व परामर्श दिया। उसी का परिणाम था कि हमने यूट्यूब पर आर्यसन्देश टीवी चैनल को सर्च किया और उसके अनेक कार्यक्रमों को देखा।

आर्यसन्देश टीवी पर 24 घंटे वैदिक धर्म वा वेद से जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाता है। भजन, व्याख्यान, सन्ध्या, हवन आदि सभी कुछ इसमें पूरा दिन भर दिखाये ंजाते हैं। कार्यक्रमों की गुणवत्ता इतनी उत्तम है, जिसका हम अनुमान भी नहीं करते थे। पाठक इस टीवी को देखेंगे तो हमारी इस अनुभूति की पुष्टि करेंगे। यह सभी कार्यक्रम महाशय धर्मपाल जी, एमडीएच व उनके सहयोग से दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा व अन्य ऋषि भक्तों के प्रयत्नों से प्रसारित हो रहे हैं। इसके लिये हम आयोजक वर्ग के सभी बन्धुओं को बधाई देते हैं। हमने पिछले दो तीन दिनों में यथासुविधा इस चैलन के अनेक कार्यक्रमों को देखा है। हमें सभी कार्यक्रम रुचिकर एवं उत्तम कोटि के लगे हैं। इन कार्यक्रमों को टीवी के साथ मोबाइल में यूट्यूब में आर्यसन्देश टीवी को सर्च कर देखा जा सकता है। टीवी का पर्दा बड़ा होता है अतः उसमें कार्यक्रम देखने पर इसका सुख कहीं अधिक होता है। हमारे पास जियो टीवी कनेक्शन है। इसमें यूट्यूब व इसके सभी कार्यक्रम उपलब्ध हैं। अतः इसी साधन से हम इन काय्रक्रमों को देखते है। आजकल दिन में 3.00 बजे डा. प्रीति विमर्शिनी जी की शतपथ ब्राह्मण की यज्ञों पर कथा का एक घण्टा प्रतिदिन प्रसारण हो रहा है। प्रातः व सायं आचार्य सत्यजित् आर्य जी, रोजड की सत्यार्थप्रकाश पर व्याख्या भी चल रही है। रात्रि 9.00 से 10.00 बजे तक इस कार्यक्रम का प्रसारण होता है। इस समय हमें समय की सुविधा होती है है तब हम इसे ध्यान से देखते हैं। यह दोनों कार्यक्रम बहुत ही लाभदायक हैं। दिन में भजन, हवन आदि अनेक कार्यक्रम भी हम अपनी सुविधानुसार देखते हैं। हम अपने सभी पाठक मित्रों से अनुरोध करते हैं कि वह इस चैनल को यथासम्भव अपनी सुविधानुसार अवश्य देखें।

हम आशा करते हैं कि जैसे जैसे लोगों को इस आर्यसन्देश टीवी की जानकारी मिलती जायेगी, लोग इसे अवश्य देखेंगे। एक बार देख लेने के बाद स्वयं ही संस्कार बन जाता है और फिर उसे देखने की इच्छा होती है। हम इस आर्यसन्देश टीवी के प्रस्तुतकर्ताओं का धन्यवाद करते हैं और उन्हें बधाई देते हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम को इतना सुन्दर, नयनाभिराम एवं रोचक बनाया है, जिसका शब्दों में वर्णन नहीं किया जा सकता। ईश्वर करे कि वेद, ईश्वर व आत्मा विषयक सद्ज्ञान सहित आर्यसमाज की विचारधारा के प्रचार व प्रसार में यह टीवी चैनल प्रभूत ख्याति व प्रसिद्धि प्राप्त करे और इससे वैदिक धर्म व आर्यसमाज के प्रचार के सभी लक्ष्य प्राप्त हों। ओ३म् शम्।

-मनमोहन कुमार आर्य

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