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लखनऊ मेडिकल कॉलेज में कैंडल मार्च

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लव जिहाद व धर्मांतरण के खिलाफ उठा सशक्त स्वर, सख्त कार्रवाई की मांग

लखनऊ। लखनऊ मेडिकल कॉलेज परिसर में धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे गंभीर सामाजिक विषयों के विरोध में कैंडल मार्च एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समाज की सजगता, नैतिक चेतना और उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया। प्रदर्शन का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि प्रशासन और सरकार का ध्यान ठोस मांगों की ओर आकर्षित करना था।
इस कैंडल मार्च में भारतीय केसरिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा० मनोज श्रीवास्तव जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आंदोलन को विशेष बल प्रदान किया। उन्होंने संगठन की ओर से पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा जैसे पवित्र और मानव सेवा के क्षेत्र से जुड़े किसी भी व्यक्ति द्वारा यदि लव जिहाद या धर्मांतरण जैसे कृत्यों में संलिप्तता पाई जाती है, तो वह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि पेशे और समाज की मर्यादा के भी विरुद्ध है।
प्रदर्शन के दौरान यह स्पष्ट और सख्त मांग रखी गई कि लखनऊ मेडिकल कॉलेज में लव जिहाद एवं धर्मांतरण में संलिप्त पाए गए संबंधित डॉक्टर की मेडिकल डिग्री तत्काल निरस्त की जाए तथा उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। वक्ताओं ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में कठोर उदाहरण प्रस्तुत नहीं किए गए, तो समाज में गलत संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाना कठिन हो जाएगा।
कैंडल मार्च के माध्यम से उपस्थित नागरिकों, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया कि चिकित्सा संस्थान केवल इलाज के केंद्र नहीं, बल्कि नैतिकता, विश्वास और मानवता के प्रतीक होते हैं। हाथों में जलती मोमबत्तियाँ यह दर्शा रही थीं कि यह संघर्ष नफरत का नहीं, बल्कि जागरूकता, न्याय और सत्य का है।
मा० मनोज श्रीवास्तव जी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय केसरिया वाहिनी समाज की बेटियों की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और कानून के सम्मान के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी। उन्होंने प्रशासन से त्वरित जांच, निष्पक्ष कार्रवाई और कठोर दंड सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि कोई भी व्यक्ति अपने पद और पेशे का दुरुपयोग करने का साहस न कर सके।
उल्लेखनीय है कि यह प्रदर्शन नेशनल मेडिकोज अग्न्याएजेश अवध प्रांत की लखनऊ महानगर इकाई द्वारा आयोजित किया गया। आंदोलन में शामिल सभी डॉक्टरों और भारतीय केसरिया वाहिनी के कार्यकर्ताओं को आयोजकों की ओर से साधुवाद दिया गया।
अंततः, लखनऊ मेडिकल कॉलेज में आयोजित यह कैंडल मार्च एक ओर चेतावनी था—उन लोगों के लिए जो छल और दबाव से समाज को तोड़ना चाहते हैं—तो दूसरी ओर संकल्प था उन नागरिकों का, जो चाहते हैं कि कानून, नैतिकता और मानवीय मूल्यों की रक्षा हर हाल में हो। ऐसे शांतिपूर्ण और जागरूकतापूर्ण आंदोलनों से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन की राह प्रशस्त होती है।

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