नई दिल्ली, 3 दिसम्बर (एजेंसियां)। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक राजनीति में भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य अभियान चलाकर लंबे समय से सत्ता में काबिज राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पद से हटा दिया है। ट्रंप के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर भेज दिया गया है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ “एक बड़ा और सफल हमला” किया है। उन्होंने इसे 1989 में पनामा पर हमले के बाद लैटिन अमेरिका में अमेरिका का सबसे प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप बताया।
वेनेजुएला का बयान
वेनेजुएला के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देश अपने लोगों के साथ एकजुटता में खड़ा है और राष्ट्रीय हितों व संप्रभुता की रक्षा के लिए बोलिवेरियन नेतृत्व द्वारा अपनाए गए रास्ते का समर्थन करता है। हालांकि मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर वेनेजुएला सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
रूस और चीन हरकत में
अमेरिकी हमले के बाद रूस और चीन भी सक्रिय हो गए हैं।
रूस के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की “सशस्त्र आक्रामकता” की निंदा करते हुए संयम बरतने की अपील की है। मास्को ने राजधानी काराकास में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के बाद हालात और बिगड़ने की चेतावनी दी।
वहीं चीन ने इस मुद्दे पर आपातकालीन बैठक बुलाई है।
किम जोंग उन की खुली धमकी
इन सबके बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन का तीखा बयान सामने आया है।
किम जोंग उन ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा,
“मेरे दोस्त निकोलस मादुरो को तुरंत रिहा किया जाए, अन्यथा इसके गंभीर वैश्विक परिणाम होंगे।”
किम के इस बयान के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं और इसे सीधे तौर पर अमेरिका को दी गई धमकी माना जा रहा है।
न्यूयॉर्क में चलेगा मादुरो पर मुकदमा
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने खुलासा किया है कि गिरफ्तार किए गए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में मुकदमा चलाया जाएगा।
मादुरो पर आरोप हैं कि उन्होंने:
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मादक पदार्थों से जुड़े आतंकवाद की साजिश रची
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कोकीन आयात की साजिश में शामिल रहे
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मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने व उनके इस्तेमाल की साजिश की
बॉन्डी ने कहा कि मादुरो को अमेरिकी अदालतों में “अमेरिकी न्याय की पूरी ताकत” का सामना करना पड़ेगा।
क्या यह कार्रवाई संवैधानिक थी?
रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने बीबीसी को बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत में उन्हें जानकारी मिली कि मादुरो पर अमेरिका में आपराधिक मुकदमा चलेगा।
हालांकि ली ने यह भी सवाल उठाया कि:
“युद्ध की घोषणा या सैन्य बल के प्रयोग की अनुमति के बिना, क्या यह कार्रवाई संवैधानिक रूप से उचित थी?”
उन्होंने संकेत दिया कि मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला के खिलाफ और कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा।










