युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प
लखनऊ, 30 जनवरी (एजेंसियां)। नारायण सेवा संस्थान की जानकीपुरम शाखा के तत्वावधान में शुक्रवार को अलीगंज स्थित केसरिया भवन में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह का आयोजन किया गया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना है।
इस अवसर पर दो माह के विशेष प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत युवाओं को ए.सी., रेफ्रिजरेटर एवं वाशिंग मशीन रिपेयरिंग का व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता देखने को मिली, जिससे प्रशिक्षण के प्रति युवाओं की रुचि और आवश्यकता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में कौशल आधारित शिक्षा ही युवाओं को आत्मनिर्भर बना सकती है। उन्होंने कहा कि कोई भी पवित्र उद्देश्य तभी सफल होता है जब उसमें उद्यम, साहस और धैर्य का समावेश हो। ईश्वर भी उन्हीं की सहायता करता है जो निरंतर प्रयास करते हैं।
स्वांत रंजन ने कहा कि हमारा हिंदू समाज लंबे समय से नौकरी की मानसिकता में बंधा रहा है, जबकि अब समय आ गया है कि समाज स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़े और स्वयं का कार्य स्थापित करे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इसी दिशा में सतत प्रयास कर रहा है। लघु उद्योग भारती और स्वदेशी जागरण मंच के माध्यम से समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि हर हिंदू दूसरे हिंदू की सहायता करे और उसे आगे बढ़ाए, तभी हिंदू समाज सशक्त बन सकेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रांत संचालक प्रभु नारायण जी ने की। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज के युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने योग्य बनाना है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी हमारी बहू-बेटियां समाज में असुरक्षित हैं और इस स्थिति को बदलने के लिए हिंदू समाज को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना आवश्यक है।
भागवत गीता का उल्लेख करते हुए प्रभु नारायण जी ने कहा कि समर्पण भाव से किया गया कर्म कभी निष्फल नहीं जाता। यदि हम निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करें तो ईश्वर अवश्य सहायता करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर अपने भविष्य को सशक्त बनाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी प्रशिक्षण शिविर की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क एवं सुलभ है तथा अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। वक्ताओं ने इसे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक पहल बताया।
इस अवसर पर आरएसएस के भाग संचालक एवं पूर्व प्रचारक कृष्ण सिन्हा ने कहा कि समाज के समग्र उत्थान के लिए निरंतर और संगठित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
समारोह के सफल आयोजन में भारतीय केसरिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव सहित संस्था के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों का सम्मान किया गया तथा प्रशिक्षण में भाग लेने वाले युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस मौके पर भारतीय केसरिया वाहिनी के प्रमुख महासचिव एचके स्वप्निल, डॉ. सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव, अनिल सिंह, शोहित यादव, आलोक श्रीवास्तव, प्रेम सिन्हा, रचना श्रीवास्तव, शालिनी पांडेय, सतीष मिश्रा, अजीत श्रीवास्तव, अभिषेक आनंद, बृजेश सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










