ज्योतिष में प्रश्न कुंडली (Horary Astrology) तब बनाई जाती है जब कोई विशेष प्रश्न किसी निश्चित समय पर पूछा जाता है। चूंकि आपने यह प्रश्न आज, 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को पूछा है, और स्थान लखनऊ, उत्तर प्रदेश है, तो उसी आधार पर सामान्य प्रश्न-विचार प्रस्तुत कर रहा हूँ। (यह राजनीतिक-ज्योतिषीय विश्लेषण है)
1️⃣ भाजपा का 2027 चुनाव – योग बन रहे हैं या नहीं?
वर्तमान गोचर में:
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Saturn मीन राशि में संचरण कर रहे हैं – यह कर्म और परिणाम का समय दर्शाता है।
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Jupiter वृषभ से मिथुन की ओर गति में – जनसमर्थन और वैचारिक बहस का संकेत।
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Rahu की स्थिति सत्ता पक्ष के लिए भ्रम और विरोधी ध्रुवीकरण बढ़ाने वाली मानी जाती है।
प्रश्न कुंडली में यदि लग्न स्थिर राशि में हो और दशम भाव (सत्ता) पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो तो सत्ता की पुनरावृत्ति संभव मानी जाती है। इस समय के ग्रह संकेत बताते हैं कि:
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भाजपा को सीधी हार का योग नहीं दिखता।
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परन्तु 2027 का चुनाव 2022 जैसा एकतरफा नहीं रहेगा।
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आंतरिक खींचतान और केंद्रीय-राज्य नेतृत्व के बीच सूक्ष्म तनाव चुनावी वातावरण को प्रभावित करेगा।
ज्योतिषीय संकेत : भाजपा पुनः सरकार बना सकती है, लेकिन सीटों में उतार-चढ़ाव संभव है।
2️⃣ क्या Yogi Adityanath तीसरी बार शपथ लेंगे?
योगी आदित्यनाथ की कुंडली में वर्तमान समय शनि की परिपक्व अवस्था का प्रभाव दर्शाता है — यह कठोर निर्णय, अनुशासन और विरोध का सामना करने का समय होता है।
प्रश्न कुंडली में:
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यदि दशमेश (सत्ता का स्वामी) बलवान हो
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और चंद्रमा पाप प्रभाव से मुक्त हो
तो पद की पुनर्प्राप्ति का योग बनता है।
ग्रह संकेत बताते हैं:
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योगी का व्यक्तिगत कद 2027 तक और बढ़ सकता है।
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यदि भाजपा बहुमत में आती है तो उनका नाम स्वाभाविक दावेदार रहेगा।
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परंतु केंद्रीय राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चा प्रबल हो सकती है।
ज्योतिषीय संकेत: तीसरी बार शपथ का योग नकारात्मक नहीं है, बल्कि मजबूत दिखाई देता है — बशर्ते दल के भीतर बड़ा परिवर्तन न हो।
3️⃣ यूजीसी (UGC) मामले में क्या होगा?
यह विषय शिक्षा और वैचारिक दिशा से जुड़ा है।
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गुरु (ज्ञान) और शनि (नीति) की स्थिति बताती है कि यह विवाद तुरंत समाप्त नहीं होगा।
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विरोध के स्वर कुछ समय और बने रहेंगे।
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अंततः सरकार संशोधन या आंशिक बदलाव के साथ इसे लागू कर सकती है।
पूर्ण वापसी (rollback) का स्पष्ट योग नहीं दिखता, लेकिन दबाव में संशोधन संभव है।
🔮 समग्र ज्योतिषीय संकेत
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2026–27 राजनीतिक रूप से संघर्षपूर्ण वर्ष रहेगा।
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सत्ता पक्ष मजबूत रहेगा, पर विपक्ष पहले से अधिक संगठित दिख सकता है।
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योगी का व्यक्तिगत प्रभाव भाजपा के लिए निर्णायक कारक बन सकता है।
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यूजीसी विषय राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा रहेगा।










