26 जनवरी को विंटेज स्कूटर व मोटरसाइकिल रैली का भव्य आयोजन
लखनऊ। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर लखनऊ की सड़कों पर देशभक्ति, इतिहास और विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला, जब प्रगतिशील आदर्श व्यापार मंडल एवं विंटेज ऑन रोड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य विंटेज स्कूटर एवं मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक रैली ने न केवल पुराने दौर की यादों को ताजा किया, बल्कि युवा पीढ़ी को भारत की ऑटोमोबाइल विरासत से भी रूबरू कराया।
यह भव्य रैली केशव नगर से प्रारंभ होकर ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा (रूमी गेट) तक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। रैली के दौरान लखनऊ की सड़कों पर जब दशकों पुराने स्कूटर और मोटरसाइकिलें दौड़ीं, तो राहगीर, पर्यटक और स्थानीय नागरिक ठहरकर इन्हें निहारते नजर आए। कई लोगों ने मोबाइल कैमरों में इन दुर्लभ वाहनों को कैद किया, तो बुजुर्गों के चेहरे पर पुरानी यादों की मुस्कान दिखाई दी।
रैली में शहर के विभिन्न इलाकों से आए विंटेज वाहन प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने वाहनों को तिरंगे, राष्ट्रीय प्रतीकों और देशभक्ति संदेशों से सजाया था। देशभक्ति गीतों और भारत माता के जयघोष के बीच पूरी रैली देशप्रेम के रंग में रंगी नजर आई।
इस रैली की खास बात यह रही कि इसमें अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक वाहनों को शामिल किया गया। संतोष शर्मा (त्रिवेणी नगर) सहित अनेक वाहन स्वामियों ने अपनी बहुमूल्य विरासत को आम जनता के सामने प्रस्तुत किया। रैली में यजडी 1975 मॉडल, नॉर्टन 1932 मॉडल, रॉयल इनफील्ड 1962 मॉडल, यजडी, जावा, बॉबी, राजदूत जैसी प्रतिष्ठित मोटरसाइकिलों के साथ-साथ वेस्पा स्कूटर, लैंब्रेटा स्कूटर एवं विजय सुपर स्कूटर जैसे लोकप्रिय विंटेज स्कूटर्स ने विशेष आकर्षण का केंद्र बने।
इन वाहनों की बेहतरीन कंडीशन, मूल स्वरूप और रख-रखाव ने दर्शकों को चकित कर दिया। कई युवा पहली बार इन क्लासिक वाहनों को नजदीक से देखकर रोमांचित नजर आए और वाहन स्वामियों से इनके इतिहास और तकनीकी विशेषताओं के बारे में जानकारी लेते दिखे।
रैली का शुभारंभ शाहजेब खान एवं अशोक भार्गव द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल एक रैली निकालना नहीं, बल्कि देश की ऐतिहासिक ऑटोमोबाइल विरासत को संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ी तक इसके महत्व को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल और आधुनिक युग में जहां नई तकनीक तेजी से बदल रही है, वहीं ऐसे विंटेज वाहन हमें हमारे अतीत से जोड़ते हैं और यह बताते हैं कि भारत में तकनीकी विकास की यात्रा कितनी समृद्ध रही है।
आयोजकों ने यह भी कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह के आयोजन देशभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त बनाते हैं। रैली के दौरान अनुशासन, यातायात नियमों और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे यह आयोजन पूरी तरह सफल और सराहनीय रहा।
रैली के समापन पर बड़ा इमामबाड़ा परिसर में प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। इस अवसर पर आयोजकों ने सभी वाहन स्वामियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में इस तरह के और भी बड़े आयोजनों का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में विंटेज कारों और दोपहिया वाहनों की संयुक्त रैली आयोजित कर लखनऊ को विंटेज ऑटोमोबाइल हब के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
कुल मिलाकर, 26 जनवरी को आयोजित यह विंटेज स्कूटर एवं मोटरसाइकिल रैली न केवल एक कार्यक्रम रही, बल्कि यह इतिहास, देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव बन गई, जिसे लखनऊवासियों ने पूरे उत्साह के साथ सराहा।
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