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‘अब यहाँ सांस लेना मुश्किल है’

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अमेरिका छोड़ने को तैयार Kristen Stewart, ट्रंप प्रशासन पर सीधा हमला

हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और ऑस्कर-नॉमिनेटेड स्टार क्रिस्टन स्टीवर्ट ने अमेरिका को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री बल्कि अमेरिकी राजनीति के गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। ‘ट्वाइलाइट’ फेम अभिनेत्री ने साफ कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका उनके लिए अब एक घुटन भरी जगह बनता जा रहा है और वह देश छोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं।

ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अख़बार द टाइम्स ऑफ़ लंदन से बातचीत के दौरान क्रिस्टन स्टीवर्ट ने बेहद साफ और बेबाक शब्दों में कहा कि वह अब अमेरिका में खुद को न तो सहज महसूस करती हैं और न ही क्रिएटिव रूप से सुरक्षित। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भविष्य में खुद को अमेरिका में रहते हुए देखती हैं, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा, “शायद नहीं।” स्टीवर्ट ने यह भी जोड़ा कि मौजूदा हालात में वह वहां स्वतंत्र रूप से काम करने में खुद को असमर्थ महसूस कर रही हैं। क्रिस्टन स्टीवर्ट का मानना है कि ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका का सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल तेजी से बदल गया है। उन्होंने कहा कि “ट्रंप के तहत हकीकत पूरी तरह से टूट रही है।” उनके मुताबिक यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह बदलाव कलाकारों की अभिव्यक्ति और सोच को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। स्पेंसर एक्ट्रेस ने इशारों में कहा कि मौजूदा माहौल क्रिएटिव आज़ादी के लिए लगातार प्रतिकूल होता जा रहा है। स्टीवर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी चिंता केवल वैचारिक मतभेदों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, सांस्कृतिक बदलाव और सामाजिक दबाव उनके प्रोफेशनल फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। वह अब उस तरह की फिल्में नहीं बना पा रही हैं, जैसी वह अपने मूल्यों और सोच के अनुरूप बनाना चाहती हैं। यही कारण है कि अमेरिका में रहना उनके लिए दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है।

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क्रिस्टन स्टीवर्ट के बयान से यह भी साफ हो गया है कि उनका रुझान अब यूरोप की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने उन जगहों पर बसने की इच्छा जताई है जहां फिल्म निर्माण अधिक खुला, प्रयोगधर्मी और सहयोगी माहौल में होता है। स्टीवर्ट का कहना है कि वह “वह हकीकत बनाना चाहती हैं, जिसमें हम रहना चाहते हैं।” इंडिपेंडेंट और इंटरनेशनल सिनेमा से उनका लगाव पहले से ही जगजाहिर है, ऐसे में यूरोप जाना उनके करियर की स्वाभाविक दिशा मानी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि क्रिस्टन स्टीवर्ट अमेरिका से पूरी तरह किनारा करने की बात नहीं कर रहीं। उन्होंने कहा कि वह विदेशों में फिल्में बनाकर उन्हें अमेरिकी दर्शकों तक वापस लाना चाहेंगी। इस दौरान उन्होंने हल्के बगावती अंदाज़ में कहा कि वह उन फिल्मों को “अमेरिकी लोगों के गले में उतारना चाहती हैं।” यह बयान बताता है कि वह अपनी आवाज़ और सोच को दबने नहीं देना चाहतीं।

क्रिस्टन स्टीवर्ट अकेली हस्ती नहीं हैं जो अमेरिका छोड़ने की सोच रही हैं। हॉलीवुड में यह भावना तेजी से फैल रही है। एलेन डीजेनरेस और पोर्टिया डी रॉसी यूके में बस चुकी हैं, रोज़ी ओ’डॉनेल विदेश जा चुकी हैं, जबकि मशहूर निर्देशक जेम्स कैमरन न्यूजीलैंड में रह रहे हैं। कैमरन ने इस फैसले को मानसिक शांति के लिए जरूरी बताया था। इन सभी उदाहरणों से साफ है कि ट्रंप का दौर कई क्रिएटिव लोगों के लिए निर्णायक मोड़ बन चुका है। क्रिस्टन स्टीवर्ट और डोनाल्ड ट्रंप के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। साल 2012 में ट्रंप ने उनके और रॉबर्ट पैटिनसन के रिश्ते पर सार्वजनिक टिप्पणी की थी, जिसे स्टीवर्ट ने बाद में “अजीब और ऑब्सेसिव” करार दिया था। यह निजी अनुभव भी उनके भीतर ट्रंप प्रशासन के प्रति असहजता को और गहरा करता है।

हालांकि क्रिस्टन स्टीवर्ट ने अमेरिका छोड़ने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन उनके बयान यह साफ संकेत देते हैं कि ट्रंप का दौर उनके लिए सिर्फ राजनीतिक मसला नहीं, बल्कि क्रिएटिव स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुका है। हॉलीवुड की यह बड़ी स्टार अब उस मोड़ पर खड़ी दिख रही हैं, जहां अमेरिका उनके लिए अवसरों की नहीं, बल्कि सीमाओं की जमीन बनता जा रहा है।

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