Advertisement
Home National केदारनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले गये

केदारनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले गये

0
685

केदारनाथ । उत्तराखंड में भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह पहली बार बिना किसी शोरशराबे के केवल वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले गये। पुजारी शिवशंकर लिंग ने रूद्राभिषेक व जलाभिषेक पूजा संपन्न कर भगवान केदारनाथ का जलाभिषेक किया। चार धामों में अभी सरकारी परामर्श के तहत यात्रा पर रोक है। अभी केवल कपाट खोले गये है ताकि रावल और पुजारी अपने स्तर पर नित्य पूजा-पाठ संपन्न करा सके। पहली बार कपाट खुलते समय सेना के बैंड की मधुर तान सुनने को नहीं मिली। मन्दिर खुलने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने वीडियो सन्देश जारी कर सभी की मनोकामना पूर्ण करने की बाबा केदारनाथ से प्रार्थना की।

यह भी पढ़ें- मानसरोवर शक्तिपीठ की महिमा, कैलाश-मानसरोवर के दर्शन मात्र से दूर होते हैं कष्ट

Advertisment

मंदिर के कपाट प्रात: छह बजकर 10 मिनट पर मेष लग्न में विधि-विधान से खोले गये। कपाट खुलने के बाद पहली पूजा-अर्चना एवं रुद्राभिषेक प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई दामोदर दास मोदी की ओर से किया गया।

ऋषिकेश के दानीदाता के सहयोग से भव्य रूप से 10 क्विंटल फूलों से सजाया गया बाबा केदार के धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण लागू पूर्णबन्दी के नियमों का पालन करते हुये शारीरिक और सामाजिक दूरी बनाये रखते हुये प्रात: तीन बजे से ही शुरू हो गयी थी। पुजारी शिवशंकर लिंग एवं वेदपाठी मंदिर के दक्षिण द्वार पूजन के बाद मुख्य मंदिर परिसर में प्रविष्ट हुए। मुख्य द्वार पर कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी हुई। भैरवनाथ जी का आवाहन किया गया और उसके बाद नियत समय पर भगवान केदारनाथ के कपाट खोल दिये गये।

कपाट खुलने के अवसर पर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी बी.डी.सिंह, तहसीलदार जयबीर राम बधाणी एवं पुलिस चौकी प्रभारी मंजुल रावत मुख्य द्वार पर मौजूद थे।

सनातन धर्म, जिसका न कोई आदि है और न ही अंत है, ऐसे मे वैदिक ज्ञान के अतुल्य भंडार को जन-जन पहुंचाने के लिए धन बल व जन बल की आवश्यकता होती है, चूंकि हम किसी प्रकार के कॉरपोरेट व सरकार के दबाव या सहयोग से मुक्त हैं, ऐसे में आवश्यक है कि आप सब के छोटे-छोटे सहयोग के जरिये हम इस साहसी व पुनीत कार्य को मूर्त रूप दे सकें। सनातन जन डॉट कॉम में आर्थिक सहयोग करके सनातन धर्म के प्रसार में सहयोग करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here