Advertisement
Home Religious Dharm-Sanskriti सपने में पशु-पक्षी की सवारी का अर्थ

सपने में पशु-पक्षी की सवारी का अर्थ

0
1826

सपने हर किसी को कभी न कभी आते ही हैं, सपने किसी पशु-पक्षी की सवारी करते स्वयं को देंख्ो या फिर उसे स्पर्श करें तो इसका क्या आशय है। आइये इस लेख में हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे है।

अगर मनुष्य स्वप्न देख रहा हो और जैसे ही स्वप्न में पशु – पक्षियों की सवारी या स्पर्श करे, वैसे ही नींद टूट जाये तो लाभप्रद शुभ है। पक्षी सफेद हो तो अत्यन्त शुभ है। नीलकण्ठ व सारस का दर्शन शुभ है। भैंस, सूअर, कुत्ता, गधा शुभ नहीं, इन पर चढ़ना भी शुभ नहीं है। गिरगिट , कौआ , भालू , वानर , नील गाय देखना रोग सूचक है। हाथी, घोड़ा , बैल पर चढ़ना शुभ है। यदि सींगवाले, बड़े – बड़े दाढ़वाले पशुओं, सूअरों, वानरों से मनुष्य कष्ट प्राप्त करता है तो उसे राज – सम्मान व आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

Advertisment
सनातन धर्म, जिसका न कोई आदि है और न ही अंत है, ऐसे मे वैदिक ज्ञान के अतुल्य भंडार को जन-जन पहुंचाने के लिए धन बल व जन बल की आवश्यकता होती है, चूंकि हम किसी प्रकार के कॉरपोरेट व सरकार के दबाव या सहयोग से मुक्त हैं, ऐसे में आवश्यक है कि आप सब के छोटे-छोटे सहयोग के जरिये हम इस साहसी व पुनीत कार्य को मूर्त रूप दे सकें। सनातन जन डॉट कॉम में आर्थिक सहयोग करके सनातन धर्म के प्रसार में सहयोग करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here