भगवान् हर का स्वरूप और भिक्षुवर्यावतार की कथा
भगवान् शिव के स्वरूप जितने रहस्यमय हैं, उनके नामों में छिपे आध्यात्मिक अर्थ उतने ही गहरे हैं। हर—भगवान् रुद्र का आठवाँ स्वरूप—सिर्फ संहार का प्रतीक नहीं, बल्कि भक्तों के सभी प्रकार के संताप को हर लेने वाली परम शक्ति का स्वरूप है। गले में सर्पों की माला, हाथ में पिनाक और चरणों में नतमस्तक देवगण … Continue reading भगवान् हर का स्वरूप और भिक्षुवर्यावतार की कथा
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