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Home Religious Dharm-Sanskriti उच्चाटन, सम्मोहन, जगत मोहन, ग्राम मोहन और आकर्षण मंत्र: प्रबल साधनाएँ

उच्चाटन, सम्मोहन, जगत मोहन, ग्राम मोहन और आकर्षण मंत्र: प्रबल साधनाएँ

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उच्चाटन, सम्मोहन, जगत मोहन, ग्राम मोहन और आकर्षण मंत्र हम आपको बताने जा रहे है, जो कि अत्यन्त प्रभावी मंत्र माने जाते है। इसे किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन में सिद्ध करें तो श्रेयस्कर होता है। उच्चाटन, सम्मोहन, जगत मोहन, ग्राम मोहन और आकर्षण मंत्र अत्यन्त प्रभावी मंत्र है। इनका प्रयोग करने से सम्बन्धित मनोरथ सिद्ध होते हैं।

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आइये जानते है, उच्चाटन, सम्मोहन, जगत मोहन, ग्राम मोहन और आकर्षण मंत्र, जिनका प्रयोग अपेक्षित रूप से सरल है, लेकिन परिणाम मनोकूल होते है। उत्तम यह रहता है कि किसी सुयोग्य और विद्बान गुरु से दीक्षा लेकर यह प्रयोग किए जाएं। यंत्र, मंत्र और तंत्र के यह अनूठे प्रयोग है, साधनाओं के प्रत्यक्ष अनुभव में साधकों ने इन्हें धारण किया है।

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जगत मोहन मंत्र-

ऊॅँ उड्डामहेश्वराय सर्व जगन्मोहनाय अ आं इं ई उं ऊं ऋं ऋ फट् स्वाहा।
प्रयोग विधि जानिए-
इस पावन मंत्र को एक लाख बार जप करके सिद्ध करें। फिर जप प्रयोग करना हो तो एक पान की जड़ को जल में पीसकर सात बार उक्त मंत्र से अभिमंत्रित कर मस्तक पर तिलक लगाने से देखने वाले मोहित हो जाते है।

मोहन मंत्र-

ऊॅँ नमो भगवते रुद्राय सर्वं जगन्मोहन कुरु कुरु स्वाहा।
प्रयोग विधि- इस पावन मंत्र का दस हजार बार जप कर सिद्ध करें। फिर निम्न उल्लेखित विधि से प्रयोग करें। एक गोरोचन, सिंदूर और केशर को ऑवले के रस से पीस करके उक्त मंत्र से अभिमंत्रित कर मस्तक पर तिलक लगाने से सभी लोग मोहित हो जाते हैं।

उच्चाटन मंत्र-

ऊॅँ ह्रीं दण्डीनं हीन महादण्डि नमस्ते ठ: ठ:।
प्रयोग विधि- इस मंत्र को एक हजार बार जप कर सिद्ध कर लें। फिर जब प्रयोग करना हो तो सात अंगुली लम्बी मनुष्य की हड्डी ले उक्त मंत्र से अभिमंत्रित कर जिस व्यक्ति के निवास स्थान में गाढ़ दें तो उसका उच्चाटन आवश्य ही होता है।

आकर्षण मंत्र-

ऊॅँ नम: ह्रीं ठं ठ: स्वाहा।
प्रयोग विधि- यह मंत्र मंगलवार के दिन दस हजार बार जप करके सिद्ध करें। फिर जब प्रयोग करना हो तो चूहे के बिल की मिट्टी, सरसों और बिनौला हाथ में ले तीन बार मंत्र पढ़कर जिसके कपड़ों पर डाल देंगे।

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वह आवश्य ही आकर्षित होगा।

ग्राम मोहन मंत्र-

ऊॅँ यती हनुमन्त यह जाय मरे घट पिडकर कौन है और छतीमय बन पेड़ जेहि दश मोहूॅँ गुरु की शक्ति मेरी शक्ति फुरो ईश्वरो वाचा।
प्रयोग विधि- इस मंत्र को रविवार को प्रारम्भ करके शनिवार के दिन तक नित्य 144 बार हनुमान जी की प्रतिमा के सामने जप कर सिद्ध करें। फिर जब यह प्रयोग करना हो तो चौराहेकी सात कंकड़ी उठाकर 144 बार मंत्र पढ़कर किसी कूप में डालेंगे, उस कूप का जल पीने वाले सभी लोग मोहित हो जाएंगे।

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