विधानसभा गेट तक पहुंचे हजारों छात्र, बैरिकेडिंग तोड़ी
जे.पी.एस.सी.-जे.एस.एस.सी. परीक्षा में धांधली के खिलाफ उग्र हुआ आंदोलन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े; राहुल गांधी बोले- छात्रों पर बल प्रयोग गलत
रांची। झारखंड में जे.पी.एस.सी. और जे.एस.एस.सी. की परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। राजधानी रांची में विधानसभा मार्च के दौरान हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा गेट के पास पहुंच गए। छात्रों ने पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा मार्च के लिए जुटने लगे थे। प्रदर्शनकारी जे.पी.एस.सी. और जे.एस.एस.सी. की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही शिकायतों से अभ्यर्थियों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। वे सरकार से अपनी मांगों पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा गेट तक पहुंचे
प्रदर्शनकारी छात्रों को विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, छात्रों की भीड़ ने आगे बढ़ते हुए बैरिकेडिंग तोड़ दी और विधानसभा के मुख्य गेट के नजदीक पहुंच गई। वहां छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया। भीड़ के आगे बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया।
छात्रों के प्रदर्शन से विधानसभा के आसपास तनाव
विधानसभा के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया। छात्रों के विधानसभा गेट तक पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा संबंधी शिकायतों और कथित धांधली के मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने सरकार से परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करने और अभ्यर्थियों के हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की।
पूर्व जे.पी.एस.सी. अध्यक्ष की गिरफ्तारी से भी गरमाया मामला
आंदोलन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी की खबर ने भी मामले को और तूल दे दिया। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी के कारणों और मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है। परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों के बीच यह कार्रवाई राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है।
छात्र आंदोलनकारियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी और कथित अनियमितताओं के कारण हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार को केवल आश्वासन देने के बजाय शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
राहुल गांधी ने बल प्रयोग पर उठाया सवाल
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताया। राहुल गांधी ने कहा कि अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठा रहे छात्रों पर पुलिस बल का इस्तेमाल उचित नहीं है।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज होने के आसार हैं। विपक्ष सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने और आंदोलन को दबाने का आरोप लगा सकता है, जबकि सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराए जाने की संभावना है।
परीक्षा व्यवस्था पर उठते रहे हैं सवाल
जे.पी.एस.सी. और जे.एस.एस.सी. की परीक्षाओं को लेकर झारखंड में पहले भी अभ्यर्थी सवाल उठाते रहे हैं। परीक्षा की प्रक्रिया, परिणाम, कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर छात्र संगठनों की ओर से समय-समय पर आंदोलन किए गए हैं।
सोमवार का विधानसभा मार्च इसी असंतोष का बड़ा प्रदर्शन बनकर सामने आया। बड़ी संख्या में छात्रों के सड़क पर उतरने और विधानसभा गेट तक पहुंचने से सरकार पर आंदोलन का समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है।
अब सरकार के सामने दोहरी चुनौती
छात्र आंदोलन के उग्र होने के बाद राज्य सरकार के सामने एक ओर परीक्षा संबंधी शिकायतों का समाधान करने और दूसरी ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, इस पर आंदोलन की अगली दिशा निर्भर करेगी।
फिलहाल रांची में विधानसभा के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हैं और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटी है। विधानसभा मार्च के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल ने पहले से चल रहे छात्र आंदोलन को नया राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बना दिया है।










