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जन्नत से कम नहीं उत्तराखंड के ये 10 हिल स्टेशन

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सूरज की तपिश बढ़ती है तो हर किसी का मन पहाड़ों में सैर के लिए मचलता है, ताकि गर्मी से बचा जा सके और प्राकृतिक सौंदर्य को नजदीक से देखा व महसूस जाए। अगर आप के मन में ऐसी कोई योजना है तो तय मानिए कि उत्तराखंड की सैर एक बेहतर विकल्प हो सकती है। अब इस बारे में सोचना छोडि़ए और जल्दी से घूमने का प्लान बनाइये। उत्तराखंड के पहाड़ एक अच्छा ऑप्शन हैं, जहां आप खुली हवा में सांस लेते हुए खूबसूरत नजारों को अपनी आंखों में कैद कर सकते हैं। वैसे तो उत्तराखंड में मसूरी, नैनीताल और भीमताल जैसे मशहूर पहाड़ी इलाके हैं, लेकिन गर्मियों की छुट्टियों की वजह से यहां पर काफी भीड़-भाड़ होती है। अगर आप इस तरह की भीड़भाड़ से बचना चाहते है तो हम आपको बताते हैं, वह मनोरम स्थल, जहां की सैर करके आपका मन प्रफुल्लित हो जाएगा।

1. ग्वाालदम
उत्तराखंड में एक और खूबसूरत और प्याड्डरा हिल स्टेमशन है ग्वालदम। यहां से आप रूपकुंड ट्रेक के लिए जा सकते हैं। ग्वालादम ऐसी जगह है जहां की यादें हमेशा आपके जेहन में रहेंगी। दिल्ली से सड़क मार्ग से ग्वामलदम पहुंचने में 12 घंटे का समय लगता है।
2. धनौल्टी
धनौल्टी मशहूर हिल स्टेशन मसूरी से ज्यादा दूर नहीं है। यहां से आप बर्फ से ढके पहाड़ों के नजारे देख सकते हैं। अगर एडवेंचर के शौकीन हैं तो यहां के ऊंचे पहाड़ों पर बने होटल या गेस्ट हाउस में ठहरिए। यकीन मानिए मजा आ जाएगा। दिल्लीे से सड़क मार्ग से धनौल्टीट पहुंचने में 8 घंटे का समय लगता है।
3. फूलों की घाटी
फूलों की घाटी वल्र्ड हेरिटेज यानी कि विश्व धरोहर है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं। हिमालय की गोद में बसी फूलों की घाटी की खूबसूरती देखते ही बनती है। माना जाता है कि यहां पर कई ऋषि-मुनियों ने तपस्या की थी। इस जगह को एक्समप्लोकर करने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि गोविंद घाट से घंगरिया तक तीन दिन का ट्रेक किया जाए। दिल्ली से सड़क मार्ग से फूलों की घाटी तक पहुंचने में 14 घंटे का समय लगता है।
4. बिंसर
बिंसर उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन है, जो न सिर्फ पहाड़ों को देखना चाहते हैं, बल्कि वाइल्ड लाइफ से भी रू-ब-रू होना चाहते हैं। बिंसर वाइल्ड लाइफ सैंच्युरी में आप तेंदुए और प्रवासी पक्षियों को देख सकते हैं। यही नहीं यहां से हिमालय का खूबसूरत व्यू भी देख सकते हैं। दिल्ली से सड़क मार्ग से बिंसर पहंचने में करीब 10 घंटे का वक्त लगेगा।
5. कनाताल
उत्तराखंड के गढ़वाल के घने जंगलों में बसा है खूबसूरत हिल स्टेशन कनाताल। इस जगह के बारे में अभी ज्यादा लोग नहीं जानते हैं। यही वजह है कि यहां के प्राकृतिक वातावरण में मानवीय हस्तक्षेप नहीं के बराबर हुआ है। दिल्ली से सड़क मार्ग से कनाताल पहुंचने में करीब साढ़े आठ घंटे का समय लगता है।

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6. मुक्तेेश्वर

मुक्तेश्वार दिल्ली के काफी करीब है और इसी वजह से ये पॉप्युलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन गया है। कुमाऊं मंडल में स्थित मुक्तेश्वर अपनी खूबसूरती और पहाड़ों के लिए जाना जाता है। अगर यहां जाने का मन बना रहे हैं तो रॉक क्लाइंबिंग करना न भूलें। दिल्ली से सड़क मार्ग से मुक्तेश्वजर पहुंचने में करीब साढ़े आठ घंटे का समय लगता है।
7. खिरसू
क्या आप कुछ दिनों के लिए सब से कट कर प्रकृति की गोद में शांत समय बिताना चाहते हैं? अगर हां, तो खिरसू बेस्टप ऑप्शन है। यहां आप जितनी दूर तक देख सकते हैं, आपको सिर्फ पहाड़ ही पहाड़ नजर आएंगे। दिल्ली से सड़क मार्ग से खिरसू तक पहुंचने में साढ़े 9 घंटे का समय लगेगा।
8. कौसानी
कुमाऊं के पहाड़ों में बसा कौसानी एक रोमांटिक हिल स्टेहशन है। महात्मा गांधी तो इसे भारत का स्विट्जरलैंड कहते थे। यह ट्रेकर्स के बीच भी काफी मशहूर है। यहां से आप बेस कौसानी ट्रेक, कैलाश ट्रेक या बागेश्वसर-सुंदरढुंगा ट्रेक पर जा सकते हैं। दिल्ली से सड़क मार्ग से कौसानी पहुंचने में 11 घंटे का समय लगता है।
9. चौकोड़ी
टी गार्डन, देवदार और खूबसूरत बुरांश के पेड़ों से घिरा हुआ चौकोड़ी वाकई शानदार जगह है। यहां से आप नंदा देवी पर्वत का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। चौकोड़ी में ढेर सारे मंदिर भी हैं। यहां किसी कोजी रिजॉर्ट में ठहर कर हरियाली का लुत्फ उठाइए। दिल्ली से सड़क मार्ग से चौकोड़ी पहुंचने में साढ़े 12 घंटे का समय लगता है।
10. औली
उत्तराखंड के औली तक पहुंचने में आपको भले ही थोड़ा ज्याादा समय लगेगा, लेकिन यहां की खूबसूरती आपका मन मोह लेगी। यह जगह स्कीइंग के लिए काफी मशहूर है, हालांकि गर्मियों में आप स्कीइंग न कर पाएं, लेकिन यहां आप ट्रेकिंग का लुत्फी जरूर उठा सकते हैं। दिल्ली से सड़क मार्ग से औली पहुंचने में 14 घंटे का समय लगता है।

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