आदर्श प्रकाश सिंह
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए जिस भारतीय टीम का चयन हुआ है उसमें सबसे चैंकाने वाला नाम वैभव सूर्यवंशी का है। हालांकि, पिछले दो आईपीएल में उसके प्रदर्शन को देखते हुए क्रिकेट के जानकार कह रहे थे कि वैभव को नेशनल टीम में शामिल करने में अब देर नहीं करनी चाहिए। पूरा देश भी यही चाहता था। टी-20 फार्मेट में वह जिस अंदाज में बैटिंग करता है उसके सभी कायल हैं। ऐसी प्रतिभा को बहुत देर तक नजरंदाज नहीं किया जा सकता। केवल 15 साल की उम्र में भारतीय टीम में आकर उसने सचिन तेंदुलकर का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। भारत की ओर से खेलने वाला वह सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बन गया है। अंतिम एकादश में उसका चयन निश्चित है। अभिषेक शर्मा के साथ वैभव सूर्यवंशी पारी का आगाज करेगा। अपने हालिया प्रदर्शन से उसने चयनकर्ताओं को चुनने पर विवश कर दिया।
विदेशी पिचों पर वैभव सूर्यवंशी कैसा खेल दिखाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर होगी। वह भारत का भविष्य है। 90 के दशक में पदार्पण करके सचिन तेंदुलकर ने विश्व क्रिकेट के क्षितिज पर जैसी चमक बिखेरी थी उससे वैभव की तुलना अवश्य होगी। आने वाला समय बताएगा कि भारत का यह नया सितारा कितने रिकाॅर्ड भंग करने वाला है। आईपीएल-2026 में उसने 776 रन बनाकर आॅरेंज कप जीता है। यानी सर्वाधिक रन बनाने वालों में सूर्यवंशी का नाम चोटी पर है। अपने दम पर उसने राजस्थान रायल्स को ’प्ले आॅफ‘ यानी खिताबी दौड़ में पहुंचा दिया था। वैभव ने एलिमिनेटर के मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 29 गेंद में 97 रन बना कर अपनी टीम राजस्थान को जिता दिया। 16 गेंद पर उसका अर्द्धशतक बन गया था। आप अनुमान लगा सकते हैं कि इस युवा ने कितनी धंुआधार बल्लेबाजी की होगी। यही नहीं, उसने इस मैच में वेस्ट इंडीज के क्रिस गेल का एक रिकाॅर्ड तोड़ दिया। बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने प्ले आॅफ के इस मैच में 12 छक्के जड़े जो एक नया रिकाॅर्ड है। पहले यह रिकाॅर्ड गेल के नाम था। एक आईपीएल सीजन में सर्वाधिक छक्के उसके नाम हैं। ऐसा जोरदार प्रदर्शन करने वाला यह किशोर खूब वाहवाही बटोर रहा है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन ही भारतीय टीम में उसके चयन का मजबूत आधार बन गया।
क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर का भी इसी तरह भारतीय टीम में प्रवेश हुआ था। हालांकि, तब आईपीएल का दौर नहीं था। देश में टी-20 प्रारूप का आरंभ भी नहीं हुआ था जिसे आज फटाफट क्रिकेट कहा जा रहा है। मगर, घरेलू क्रिकेट में धूम मचाने वाले सचिन को 1989 में पाकिस्तान जाने वाली टेस्ट टीम में चुन लिया गया। उनकी उम्र उस समय 16 साल थी। अब जबकि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का पदार्पण होने जा रहा है तो वह भारत के लिए खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हो जाएंगे। यही कारण है कि वैभव की तुलना सचिन से हो रही है। कम उम्र को देखते हुए बीसीसीआई ने वैभव के माता-पिता को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर जाने की इजाजत दे दी है। बीसीसीआई उन दोनों का ब्रिटेन प्रवास का पूरा खर्च भी वहन करेगी। बोर्ड उनके माता-पिता के सभी खर्चों का ध्यान रखेगा। वयस्क खिलाड़ियों के बारे में नियम है कि उनके साथ कोई रिश्तेदार विदेश नहीं जा सकेगा लेकिन वैभव अभी नाबालिग है इसलिए उसके माता-पिता साथ जाएंगे। कम उम्र में बच्चों को भावनात्मक सहारे की जरूरत होती है। सचिन तेंदुलकर जब 1989 में पाकिस्तान जा रहे थे तो उनके साथ उनके बड़े भाई अजित तेंदुलकर को भेजा गया था। भारतीय टीम 26 और 28 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड से दो टी-20 के मैच खेलेगी। इसके बाद इंग्लैंड में पांच टी-20 और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी।
बांए हाथ के किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को आगामी एशियाई खेलों में भी भारतीय टीम में जगह मिली है। सितंबर में इसका आयोजन जापान में होगा। पिछले एशियाड में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी भारत ही दावेदार दिख रहा है। खेल जगत के कई दिग्गजों की राय है कि वैभव पर अभी उम्मीदों का भारी बोझ न डाला जाए। विश्व स्तर पर उसे पहली बार अपनी प्रतिभा का परिचय देना है। वहां परिस्थितियां अलग होंगी। भारत के लिए उसे लंबी पारी खेलनी है। घरेलू मैदान और विदेशी पिचों पर खेलने में बहुत फर्क होता है। इस मनोवैज्ञानिक दबाव से उसे उबरना होगा। आशा करनी चाहिए कि वैभव नामक यह नया सितारा आकाश में लंबे समय तक चमकता रहेगा।










