लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस से पहले रविवार को लखनऊ में निकाली गई तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र प्रतीकों और महापुरुषों के सम्मान को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश में रहकर देश के प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों को अब ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग से तिरंगा यात्रा को रवाना किया। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा और स्कूली बच्चे शामिल हुए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। यात्रा रवाना होने से पहले भातखंडे के कलाकारों की अगुवाई में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ तिरंगा सेल्फी भी ली।
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि देश का युवा हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है और तिरंगा यात्रा राष्ट्र प्रथम की भावना को मजबूत करने का संदेश दे रही है।
योगी ने कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के कारण यह वर्ष विशेष महत्व रखता है। पूरे देश में वंदे मातरम् का गायन हो रहा है। उन्होंने काकोरी ट्रेन एक्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि 1925 में इसी दिन युवा और वीर क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार तिरंगा यात्रा में करीब 25 से 30 हजार युवाओं ने हिस्सा लेकर राष्ट्र प्रथम का संदेश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की युवाओं और महिलाओं से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
तिरंगा यात्रा पांच कालीदास मार्ग से शुरू होकर गोल्फ क्लब, सिविल अस्पताल और अटल चौराहा होते हुए विधानभवन तक पहुंची। यहां युवाओं के साथ गुब्बारे छोड़कर यात्रा का समापन किया गया।
आयोजकों के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाना था। यात्रा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह और भाजपा के संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह समेत बड़ी संख्या में विधायक मौजूद रहे।










