लखनऊ। सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला नाग पंचमी पर्व इस बार 17 अगस्त, सोमवार को मनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इसी दिन सावन का सोमवार भी है। ऐसे में भगवान शिव और नाग देवता की आराधना का यह संयोग श्रद्धालुओं के लिए विशेष माना जा रहा है।
नाग पंचमी की तारीख को लेकर इस बार लोगों में असमंजस है, क्योंकि पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम से ही शुरू हो गई थी। पंचांग गणना के अनुसार पंचमी तिथि 16 अगस्त शाम करीब 4:52-4:53 बजे से 17 अगस्त शाम करीब 5 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को मनाया जाएगा।
सुबह इस समय करें नाग देवता की पूजा
पूजा के शुभ समय में स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक नाग पंचमी पूजा का मुहूर्त है। वहीं कुछ अन्य पंचांगों में उत्तर भारत के लिए लगभग 6:04 से 8:39 बजे तक का समय दिया गया है। इसलिए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर रहेगा।
नाग पंचमी पर ऐसे करें पूजा
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें। भगवान शिव और नाग देवता का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग पर जल अर्पित करें। बेलपत्र, फूल, अक्षत और धूप-दीप चढ़ाएं।
नाग देवता की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाकर पुष्प अर्पित करें। श्रद्धा के अनुसार दूध और नैवेद्य अर्पित किया जा सकता है। इसके बाद नाग पंचमी की कथा का श्रवण करें और भगवान शिव की आरती करें।
धार्मिक परंपरा में नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का प्रतीक भी मानी जाती है। नागों को भगवान शिव से जुड़ा हुआ माना गया है, इसलिए सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी का संयोग शिव आराधना के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
सावन सोमवार का भी मिलेगा पुण्य
17 अगस्त को नाग पंचमी के साथ सावन सोमवार होने से श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकते हैं। शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का स्मरण करना शुभ माना जाता है। अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखने तथा जरूरतमंदों को भोजन या दान देने की भी परंपरा है।
इस तरह 17 अगस्त का दिन नाग देवता और भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष अवसर बन गया है। हालांकि पूजा की विधि और मुहूर्त में क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।










