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आयकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया मध्याह्न अवकाश प्रदर्शन

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सनातनजन विशेष संवाददाता, नई दिल्ली/लखनऊ। संयुक्त संघर्ष परिषद (जेसीए) के आह्वान पर तथा केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं श्रमिक परिसंघ द्वारा दिनांक 14 अप्रैल, 2026 को माननीय कैबिनेट सचिव को प्रेषित पत्र के समर्थन में आज लखनऊ स्थित प्रत्यक्ष कर भवन में आयकर विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जेसीए के बैनर तले मध्याह्न अवकाश प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की व्यापक, उत्साहपूर्ण एवं प्रभावशाली भागीदारी देखने को मिली।

उल्लेखनीय है कि संयुक्त संघर्ष परिषद द्वारा दिनांक 06 अप्रैल, 2026 को राजस्व सचिव, वित्त मंत्रालय को प्रेषित पत्र में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा कर्मचारियों एवं अधिकारियों की समस्याओं के समाधान में दिखाई जा रही निरंतर उदासीनता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अपनी दस सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने अपनी प्रमुख मांगों—जैसे 01 जनवरी, 2026 से देय महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की किस्त की शीघ्र घोषणा, कैडर समीक्षा एवं पुनर्गठन को अंतिम रूप देना, आयकर अधिकारियों हेतु भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन, अंतर प्रभार स्थानांतरण नीति की बहाली, आईटीबीए में कार्यों का युक्तिसंगत आवंटन, सभी कर्मचारियों को लैपटॉप उपलब्ध कराना तथा अनावश्यक प्रतिवेदन प्रणाली को समाप्त करना—को जोरदार तरीके से उठाया।

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इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ के अखिल भारतीय महासचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के महासचिव कामरेड जे. पी. सिंह ने कहा कि यह आंदोलन अभी केवल प्रारंभ है। यदि सरकार, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड एवं विभागीय उच्च अधिकारी कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित एवं न्यायोचित मांगों के समाधान हेतु शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाते हैं, तो इस आंदोलन को और व्यापक तथा तीव्र किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर देशव्यापी हड़ताल जैसे कदम उठाने से भी कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे।

सभा को संबोधित करते हुए आयकर कर्मचारी महासंघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश सर्किल, लखनऊ के सर्किल महासचिव कामरेड संतोष मिश्रा ने कहा कि सरकार एवं केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा कर्मचारियों की मांगों के प्रति लगातार उदासीनता बरती जा रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष एवं रोष निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की घोषणा लंबित है तथा कैडर समीक्षा, पुनर्गठन, अंतर प्रभार स्थानांतरण, पदस्थापन नीति एवं भर्ती नियमों में महासंघ द्वारा दिए गए सुझावों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो संयुक्त संघर्ष परिषद द्वारा घोषित 16 अप्रैल से 13 मई, 2026 तक के चरणबद्ध आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारी अपने कार्यों के बहिष्कार जैसे कठोर कदम उठाने के लिए भी बाध्य होंगे।

आयकर कर्मचारी महासंघ, लखनऊ शाखा के शाखा सचिव कामरेड अनुपम मिश्रा ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया तथा अपने उत्साहवर्धक संबोधन से उपस्थित साथियों में ऊर्जा का संचार किया।
इस अवसर पर आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ एवं आयकर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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